जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोगों का नगर निगम और तहसील में चक्कर काटना जारी है। पोर्टल की सुस्त रफ्तार और रिपोर्ट जल्दी न लगने की वजह से प्रमाण पत्र जारी होने में महीनों लग जा रहे हैं। जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए तीन से चार महीने पहले आवेदन करने वालों को प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है।
ऐसे लोग नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। भले ही सात दिन में प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान है, लेकिन 100 दिन पहले आवेदन करने वाले भी नगर निगम और तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। वर्तमान समय में करीब 600 से अधिक आवेदन लटके पड़े हैं।
इसमें सबसे ज्यादा 400 के आस-पास आवेदन तहसील स्तर पर लंबित हैं। एक साल से अधिक उम्र के बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र व जिनकी मृत्यु हुए एक साल से अधिक का समय बीत गया है, उनके नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए तहसील की रिपोर्ट लगनी अनिवार्य है।
अंधियारी बाग के शहंशाह ने अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए 25 अप्रैल को आवेदन किया था। स्कूल में एडमिशन के लिए प्रमाण पत्र देना अनिवार्य था। स्कूल की ओर से मांग करने पर वे इसे टालते रहते हैं क्योंकि आवेदन के बावजूद उनको अभी तक प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। कई बार आने के बाद भी जानकारी नहीं मिल सकी।
नौसड़ की रहने वाली अंजलि ने अपने बेटे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए अप्रैल में आवेदन किया था। उसके दो महीने बाद वे कार्यालय पहुंचीं तो उनके आवेदन का कुछ पता नहीं चला। इसको लेकर वह कई बार चक्कर काट चुकी हैं फिर भी पता नहीं चला कि प्रमाण पत्र में देरी किस वजह से हो रही है।
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि नगर निगम में लंबित जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदनों के निस्तारण की निगरानी की जा रही है। निगम के स्तर पर कुछ ही आवेदन लंबित हैं। तहसील स्तर पर लंबित आवेदनों के संबंध में वार्ता की जा रही है। जल्द ही उसका भी निस्तारण हो जाएगा।