स्काईवॉक को दो लेन की चौड़ाई में बनाया जाएगा। बीच में लोहे की जाली लगाई जा सकती है ताकि आने-जाने वालों को दिक्कतें न हो। इसके लिए अधिकारियों ने डिजाइन तैयार करने वाले एजेंसी को निर्देश दिए हैं।
नई दिल्ली स्टेशन की तर्ज पर बनेगा
यह स्काईवॉक करीब 250 से 300 मीटर लंबा होगा। रेलवे स्टेशन के मध्य द्वार तक आए फुट ओवरब्रिज को इससे जोड़ा जाएगा। ताकि यात्री सीधे बाहर चले जाएं। दृष्टिहीन लोगों के लिए इस पर खास तरह की टेक्टाइल फ्लोरिंग लगाई गई है। ग्लास पैनल के बाहर की तरफ गोलाकार स्ट्रक्चर बनाया गया है, जो रात में खास तरह की रंग-बिरंग एलईडी लाइटों से जगमगाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि स्टेशनों के पुनर्विकास के अंतर्गत रेलवे स्टेशन को इस तरह से विकसित करना है, जिसमें शहर के अन्य ट्रांसपोर्ट माध्यमों जैसे रोडवेज, मेट्रो स्टेशन इत्यादि से इस तरह से जोड़ा कि यात्रियों को सुगमता हो सके। इसी क्रम में गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के साथ रोडवेज बस स्टेशन स्काई-वॉक वे बनाने का भी प्रावधान रखा जाएगा तथा संबंधित विभाग से इस वार्ता भी की जाएगी, जिससे रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड जाने-आने में यात्रियों को बार - बार सीढ़ी चढ़ना-उतरना अथवा सड़क पार की आवश्यकता ना पड़े।