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Gorakhpur News: गोरखपुर में छह तरह के मरीज माफिया चिह्नित

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- हॉस्पिटल संचालक, बाउंसर व बदमाश, एंबुलेंस चालक, डिग्री बेचने वाले डॉक्टर, सरकारी संस्थानों में रहकर मरीज बेचने वाले किए गए चिह्नित
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- सभी तरह के मरीज माफिया को अलग-अलग कैटेगरी में करके की रखी जाएगी नजर

अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। जिले में छह तरह के मरीज माफिया सक्रिय हैं, जिन्हें चिह्नित किया गया है। पुलिस नपे हॉस्पिटल संचालक, बाउंसर व बदमाश, एंबुलेंस चालक, डिग्री बेचने व बनवाने वाले, खून चुसवा, मरीजों को भ्रमित कर बेचने वाले स्वास्थ्य विभाग के सरकारी संस्थानों के कर्मचारियों को चिन्हित किया है। पुलिस अब इनको अलग-अलग कैटेगरी में बांट कर सूची तैयार कर रही है। इससे निगरानी व कार्रवाई करना आसान होगा।





हॉस्पिटल संचालक व एंबुलेंस चालकों का आया था नाम

वर्ष 2025 जनवरी में देवरिया की लक्ष्मी नाम की महिला अपने नवजात बच्चे का इलाज कराने बीआरडी मेडिकल कॉलेज आई थीं। यहां पर एंबुलेंस चालकों ने मिलकर झांसा देकर बच्चे को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पास स्थित अर्पित हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। इसके बदले संचालक से मोटी रकम ली। मामला गुलरिहा पुलिस के पास पहुंचा तो संचालक प्रवीण सिंह के साथ ही डिग्री बेचने वाले डॉक्टर, बिचौलिया एंबुलेंस चालकों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया।
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बदमाश व बाउंसर का सामने आया नाम

कैंट इलाके के डीआईजी बंगले के पास स्थित एक हॉस्पिटल में वर्ष 2022 जुलाई माह में मरीजों की खरीद फरोख्त को लेकर हिस्ट्रीशीटर ने बाउंसर साथियों के साथ चढ़कर गोलियां चलाई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो मरीजों की खरीद फरोख्त का बड़ा मामला खुलकर सामने आया था। इसमें हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह को उसके साथियाें के साथ गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया था।







डिग्री बेचता था सरकारी डॉक्टर

वर्ष 2025 के फरवरी में खोराबार इलाके की पीएचसी में संविदा पर तैनात डॉ. राजेश कुमार रुपये लेकर मेडिकल की डिग्री बनवाने के आरोप में हाल ही में जेल भिजवाया गया। पुलिस को उसके पास से 21 मेडिकल की डिग्री मिली थी, जो जांच में फर्जी पाई जा रही है। खोराबार पुलिस ने डॉ. राजेश कुमार को उसके साथी के साथ गिरफ्तार किया था।







मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने बेच दिया था मरीज

वर्ष 2024 के फरवरी माह में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीन मरीजों को कर्मचारियों के बेच देने का मामला सामने आया था। पैडलेगंज के यीशु हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई। इसके बाद सीएमओ ने जांच कर हॉस्पिटल सील कर रामगढ़ताल थाने में केस दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने 20 हजार रुपये में हॉस्पिटल को मरीज बेचा था। इसके बाद कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई थी।
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केस-5



पकड़ा गया खून चुसवा गिरोह का सदस्य

वर्ष 2024 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मजदूरों को रुपये का लालच देकर खून बेचने वाले गिरोह का नाम सामने आया है। इसके बाद गुलरिहा पुलिस ने गिरोह के मुगलहा निवासी रामआशीष को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों के तीमारदारों से मोटी रकम लेकर मजदूरों का खून दिलवाते हैं।
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