सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात छह डॉक्टरों पर सेवा समाप्ति की तलवार लटक रही है। ये सभी चिकित्सक पिछले दो सालों में तैनाती के बाद से ही संबंधित केंद्र पर नहीं पहुंचे हैं। इस संबंध में इन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस भी भेजा जा चुका है। कोई जवाब न आने पर अब सीएमओ ने कार्रवाई के लिए शासन के पास पत्र भेजा है।
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद लापरवाह सरकारी डॉक्टरों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में कैंपियरगंज के जगंल कौड़िया में तैनात डॉ. विकास अग्रवाल, खोराबार सीएचसी पर तैनात डॉ. गोपाल, बरही ब्रह्मपुर में तैनात डॉ. अमरेंद्र कुमार, विशनपुर ब्रह्मपुर में तैनात डॉ. समीर, सीएचसी सिहोरिया में तैनात डॉ. पंकज कुमार व जगंल कौड़िया में तैनात डॉ. सत्येंद्र पाल को केंद्र पर सेवा न देने पर कई बार नोटिस भेजा गया।
लेकिन इनमें से किसी ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। अब सीएमओ ने शासन को पत्र लिखते हुए इनपर कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि ये सभी डॉ. 2017-18 से ही लापता है। शासन से जैसे ही पत्र का जवाब आएगा, कार्रवाई की जाएगी।
तीन डॉक्टरों को भेजा गया सेवा समाप्ति का नोटिस
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि तीन डॉक्टरों को सेवा समाप्ति का नोटिस भेजा गया है। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉ. रामजीत, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉ. पंकज मल्ल, सीएचसी पाली के डॉ. संजीव कुमार सिंह शामिल हैं। बताया कि डॉ. संजीव कुमार सिंह 2011, डॉ. पंकज मल्ल 2009 और डॉ. रामजीत 2018 से नौकरी पर नहीं आए हैं।