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ट्रकों से वसूली का मामला: एसआईटी ने गाजीपुर आरटीओ समेत सात को नोटिस भेजा

Mon, 24 Feb 2020 12:45 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर

सार

  • एसआइटी ने गाजीपुर एआरटीओ समेत सात को नोटिस भेजा
  • तीन दिन के भीतर उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने को कहा
  • वसूली कर ओवरलोड ट्रकों को पास कराने का मामला
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S.i.t (special Investigation Team)
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विस्तार
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ओवरलोड ट्रकों से पास कराने के नाम पर वसूली के मामले में एसआईटी ने रविवार को गाजीपुर के आरटीओ, मिर्जापुर, जौनपुर और भदोही में आरटीओ विभाग में कार्यरत सात अधिकारियों व कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। रविवार को बेलीपार थाने के सिपाही नोटिस लेकर रवाना हुए।
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सभी आरोपितों को तीन दिन के भीतर सीओ कैंट कार्यालय में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराना है। 24 जनवरी को बेलीपार थाने में दर्ज हुए मुकदमे में गाजीपुर के एआरटीओ रामसिंह यादव, मिर्जापुर के आरटीओ के सिपाही विपिन चौधरी, पिंटू यादव, भदोही आरटीओ के सिपाही योगेंद्र सिंह, जौनपुर आरटीओ के सिपाही अनिल पटेल, पाठक और पंकज सिंह के नाम हैं।

आरोप है कि गैंग सरगना मधुबन होटल के मालिक धर्मपाल सिंह और सिब्बू ढाबा के संचालक मनीष के साथ मिलकर ये लोग ओवरलोड ट्रकों को पार कराते थे। एसटीएफ ने धर्मपाल और मनीष समेत छह लोेगों को गिरफ्तार किया था। वहीं कुछ दिनों पूर्व मामले की जांच कर रही एसआईटी ने संतकबीरनगर और बस्ती के प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन व पीटीओ, बस्ती पीटीओ के चालक और देवरिया आरटीओ के सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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ओवरलोडिंग का मामला: एसआईटी ने आरटीओ से मांगे कई दस्तावेज

ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के एवज में संचालकों से वसूली के मामले में एसआईटी की ओर से आरटीओ से दस्तावेज मांगे गए हैं। आरटीओ प्रवर्तन का महकमा उन्हें जल्दी से जल्दी देने में जुटा हुआ है। ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के लिए संचालकों से वसूली के मामले आरोपी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गिरफ्तारियां शुरू हो गई है।

इस पूरे प्रकरण मेें गोरखपुर के एक एआटीओ एसपी श्रीवास्तव एवं पीटीओ इरशाद अली केे साथ कुछ कर्मचारी भी जांच के घेरे में हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, एसआईटी की ओर से जरूरी दस्तावेजों की मांग आरटीओ से की रही है। इन दस्तावेजों को जुटाने में आरटीओ को पसीना छूट जा रहा है। एसआईटी ने इस बार आरटीओ से कुछ संदिग्ध वाहनों के नंबरों की जानकारी मांगी है, जिसे जुटाने में पूरा प्रवर्तन महकमा लगा हुआ है।
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