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एसआईटी के सामने बड़ा खुलासा- आरटीओ की सांठगांठ से कराते थे ओवरलोड ट्रकों से वसूली

Tue, 04 Feb 2020 11:33 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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S.i.t (special Investigation Team)
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प्रदेश के कई जिलों में ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के नाम पर वसूली गैंग के आरोपितों से जेल में सोमवार को एसआईटी ने पूछताछ की। एसआईटी के सामने आरोपितों ने खुलकर जुर्म को कबूल करते हुए रैकेट के बारे में जानकारी दी। बताया, आरटीओ से सांठगांठ कर ही वह इस अवैध काम को करते थे। हालांकि अफसर सीधे शामिल नहीं होते थे बल्कि बाबू या सिपाही की मदद से काम कराते थे। एसआईटी ने बयान दर्ज करने के बाद अब साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है। इस प्रकरण में जल्द ही गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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जानकारी के मुताबिक, ओवरलोड ट्रकों से वसूली के मामले में गिरफ्तार किए गए सरगना मधुबन होटल के मालिक धर्मपाल सिंह, मनीष सिंह समेत छह आरोपित जेल में बंद हैं। एसटीएफ ने इस पूरे प्रकरण का भंडाफोड़ कर बेलीपार थाने में केस दर्ज कराया था। इसके बाद ही एसएसपी ने एसआईटी गठित कर दी थी। एसआईटी प्रभारी सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने पूछताछ के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद सोमवार को एसआईटी जेल पहुंची और आरोपितों का बयान दर्ज किया। एसआईटी ने इस बारे में आरोपितों जो भी सवाल किए धर्मपाल ने उनके खुलकर जवाब दिए। खुद की गलती कबूल करते हुए परिवहन घोटाले से जुड़े लोगों का नाम बताए।
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विभागीय कर्मी या प्राइवेट के जरिए लेते थे रुपये

एसआईटी पूछताछ में सामने आया है कि ओवरलोड ट्रकों से वसूली करने वाले गैंग में विभागीय कर्मचारी और प्राइवेट लोग शामिल थे। जिन जिलों में अफसराें के विश्वसनीय कर्मचारी थे वह उनके जरिए वसूली कराते थे और जिस जिले में अफसरों को खुद के कर्मचारी भरोसा नहीं था वहां प्राइवेट लोगों से वसूली कराई जाती थी। मतलब, अब तक की जांच में यह साबित हो चुका है इस पूरे खेल में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आरटीओ अफसर ही शामिल थे।

धर्मपाल बोला, गलती हुई है तभी फंसे हैं  
एसआईटी के सामने जुर्म कबूल करते हुए मधुबन होटल के मालिक व सरगना धर्मपाल ने कहा कि गलती हुई, तभी फंसे हैं। सीओ कैंट को उसने बताया कि किस तरह से धंधे को संचालित किया जाता था। अफसर किस तरह से इस प्रकरण में शामिल थे आदि सभी सवाल के जवाब उसने दिए। पुलिस को बयान में कई नाम तो मिल गए हैं लेकिन अब साक्ष्य जुटाना बाकी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जल्द इस प्रकरण में शामिल अन्य की गिरफ्तारी शुरू कर दी जाएगी।

जेल जाकर आरोपितों का बयान दर्ज किया गया है। आरोपितों ने खुलकर जुर्म को कबूल कर जानकारियां दी हैं। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है। इसमें जो भी शामिल होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सुमित शुक्ला, सीओ कैंट
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