गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में मंगलवार को छात्रों के धरने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी को भेजे पत्र में छात्रों पर जबरन प्रशासनिक भवन में प्रवेश करने, कर्मचारियों को अंदर जाने से रोकने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
नियंता के अनुसार, सतीश प्रजापति, सत्यम गोस्वामी और प्रतीक तिवारी को 17 अक्तूबर 2024 को अनुशासन संबंधी प्रावधानों के तहत निष्कासित कर परिसर, प्रशासनिक भवन और छात्रावासों में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था। इसके बावजूद इनके बार-बार परिसर में आने की शिकायत पुलिस से की जा चुकी है।
मंगलवार सुबह करीब 10.30 बजे शिव वर्द्धन, सागर प्रताप, सतीश प्रजापति, सत्यम गोस्वामी, प्रतीक तिवारी, अतुल यादव, उज्ज्वल सिंह समेत अन्य ने प्रशासनिक भवन में धरना दिया। विश्वविद्यालय का आरोप है कि मुख्य गेट पर कर्मचारियों को रोका गया जिससे कार्यालयी कार्य प्रभावित हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि 13 जनवरी और 16 अगस्त को परिसर में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन पर रोक संबंधी आदेश जारी किए जा चुके हैं। एसएसपी से संबंधित छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।