फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: साहब! बेटों में सुलह करा दिया है, अब केस खत्म करा दीजिए

Tue, 14 May 2024 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
दो बेटों संग रिटायर्ड शिक्षक ने एसएसपी से लगाई गुहार
विज्ञापन

बांसगांव थाने में जमीन के विवाद में दो भाइयों पर दर्ज हुआ था केस
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। साहब! मैंने अपने दोनों बेटों के बीच जमीन को लेकर हुए विवाद का निपटारा घर पर करा दिया। अब यह कभी विवाद नहीं करेंगे। इनके केस को खत्म करा दीजिए।
ये बातें बांसगांव के एक गांव से आए रिटायर्ड शिक्षक ने एसएसपी से उनके दफ्तर में सोमवार को कहीं। जिसके बाद एसएसपी ने पुलिस को केस खत्म करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, जमीन से जुड़े मारपीट व अन्य हर छोटे मोटे विवाद में जिले की पुलिस अब एफआईआर दर्ज कर रही है। जिसकी विवेचना हो रही है। बार-बार पुलिस भी बयान आदि लेने वादी व प्रतिवादी के घर जा रही है। जिससे उनकी समाज में छवि धूमिल हो रही है और गिरफ्तारी सहित अन्य कार्रवाई का डर भी बना रहता है।
दो या तीन साल पहले एफआईआर नहीं होता था, केवल एनसीआर होता था। जिसमें पुलिस चुप होकर बैठ जाती थी क्योंकि उसमें कोर्ट से विवेचना की अनुमति वादी को लेनी होती थी तब पुलिस आगे की कार्रवाई करती थी। पुलिस की एफआईआर के कारण ही आज रिटायर्ड शिक्षक ने इस तरह का कदम उठाया।

यह था मामला
बांसगांव के एक रिटायर्ड शिक्षक के चार पुत्र हैं। एक पुत्र बाहर रहता है। एक प्रधान है। उनके दो बेटों में जमीन के बंटवारे को लेकर कुछ दिन पूर्व विवाद हुआ था। तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही थी। जिसके बाद पिता ने बेटों को समझाया, काउंसिलिंग कराई और जमीन का बंटवारा किया। फिर सोमवार को दोनों बेटों व उनकी पत्नियों संग एसएसपी दफ्तर पहुंच कर केस खत्म करने की गुहार लगाई।
विज्ञापन

-
कोट...
पिता अपने दोनों बेटों संग आए थे। केस खत्म करने की गुहार लगाई है। बांसगांव पुलिस को निर्देश दिया गया है। यह पुलिस के हर छोटे-छोटे मामले में एफआईआर दर्ज करने का नतीजा है, जिससे समाज में सकारात्मक माहौल बन रहा है।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें