विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट शहर विधानसभा और पिपराइच विधानसभा क्षेत्र ही ऐसे हैं, जहां कटे नाम से ज्यादा वोटों से जीत हुई। सबसे हॉट सीट में एक चिल्लूपार से 87 हजार 732 नाम कटे हैं, जबकि 2022 में जीत का अंतर मात्र 21,645 वोटों का था।
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है। इसके मुताबिक, 6.45 लाख नाम हटाए जाएंगे। नौ में से सात विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां 2022 के विधानसभा चुनाव में जितने मतों से हार-जीत का अंतर था उससे अधिक वोटर सूची से कट जाएंगे। इस लिहाज से 2027 के चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं।
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विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट शहर विधानसभा और पिपराइच विधानसभा क्षेत्र ही ऐसे हैं, जहां कटे नाम से ज्यादा वोटों से जीत हुई। सबसे हॉट सीट में एक चिल्लूपार से 87 हजार 732 नाम कटे हैं, जबकि 2022 में जीत का अंतर मात्र 21,645 वोटों का था।
इस सीट से राजेश त्रिपाठी ने पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के बेटे पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी को पराजित किया था। वहीं, गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से 70,763 मतदाताओं के नाम कटेंगे, जबकि पिछले चुनाव में विपिन सिंह 24070 मतों से ही जीते थे। अनंतिम सूची के आधार पर नफा-नुकसान जुटाने में राजनीतिक दलों के नेता जुट गए हैं।