गुरू गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों के नाम बाल दिवस घोषित किए जाने की मांग को लेकर सिख समाज की महिलाओं ने कीर्तन सत्संग किया। इस दौरान ‘जो बोले सो निहाल’, ‘सत नाम वाहेगुरु’ के जयकारे से पूरा शास्त्री चौक गूंज उठा। बुधवार को सिख-पंजाबी समाज की महिलाओं ने ढोलक चिमटों के साथ एक घंटे तक गुरुवाणी का कीर्तन गायन किया। स्त्री सत्संग सभा गुरुद्वारा जटाशंकर की अध्यक्ष गुरमीत कौर के नेतृत्व में महिलाओं ने जयकारे लगाकर चार साहिबजादों के नाम बाल दिवस घोषित करने की मांग की।
इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित नगर विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि गोरखपुर के सिख समाज द्वारा जिस जोश के साथ इस मांग को उठाया जा रहा है, उसमें निश्चित ही कामयाबी मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस मांग को शीघ्र सदन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिससे गोरखपुर की यह आवाज पूरे देश में जाए और इतिहास बने। जटाशंकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने कहा कि 28 दिसंबर को चार साहिबजादों के नाम बाल दिवस के रूप में समर्पित किया जाए। इसके मांग पहले भी की जाती है।
आभार ज्ञापन जगनैन सिंह नीटू ने किया। कार्यक्रम में रूपा कौर, गुरमीत कौर, दिलजीत कौर, अमरजीत कौर, डेजी अरोड़ा, गुरबचन कौर, मंजीत कौर, हरमीत कौर, सुरेंद्र कौर, राजबीर कौर, मीत साहनी, डिंपल मदान, हरजीत कौर, रजिंदर सिंह, मनमोहन सिंह लाडे, चरनप्रीत सिंह मोंटू, हृदयेश पुरी, मनोज आनंद, शीरा वीरजी, कुलदीप सिंह नीलू, हरजीत सिंह, मनी कौर, तेग सिंह सहित तमाम लोग शामिल रहे।