- गुरबाणी कीर्तन, अखंड पाठ और अटूट लंगर में संगत हुई निहाल
- मोहद्दीपुर गुरुद्वारा में हुआ आयोजन
गोरखपुर। सिखों के पंचम गुरु व प्रथम शहीद गुरु अर्जन देव का शहीदी पर्व मोहद्दीपुर स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक सत्संग सभा में श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ मनाया गया। तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में गुरबाणी कीर्तन, अखंड पाठ साहिब, कीर्तन दरबार और गुरु के अटूट लंगर के माध्यम से संगत ने गुरु की शिक्षाओं का स्मरण किया।
आयोजन के तहत मंगलवार को अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ हुआ था, जबकि बुधवार को गुरुबाणी शब्द कीर्तन और दीवान सजाया गया। बृहस्पतिवार को अखंड पाठ की समाप्ति के बाद अरदास, विशेष कीर्तन दरबार और लंगर का आयोजन किया गया। पंजाब से आए रागी जत्थे ने मधुर वाणी से संगत को गुरुबाणी का रसपान कराया। गुरबाणी कीर्तन, अखंड पाठ साहिब, कीर्तन दरबार में पूरा सिख समाज लीन रहा। शाम को समाज के लोगों ने लंगर में प्रसाद ग्रहण किया।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी मनमोहन ने बताया कि गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस त्याग, बलिदान और मानवता की सेवा का संदेश देता है। उनका कहना था कि गर्मी से राहत के लिए प्रतिदिन गुरुद्वारे के बाहर छबील सेवा भी संचालित की जा रही थी, जहां राहगीरों को शीतल मीठा जल वितरित किया जा रहा था। बृहस्पतिवार को भी शीतल मीठा जल वितरित किया गया।