बांसी क्षेत्र में स्थित पटाखे की दुकान। संवाद
सिद्धार्थनगर। दीपावली के नजदीक आते ही अवैध पटाखों का शोर सुनाई देने लगा है। इटवा कस्बे के दो अलग घरों से 12 क्विंटल बारूद अवैध रूप से भंडारण किया पाया गया। अगर यह विस्फोट होता तो कस्बे में बड़ा हादसा हो सकता है।
जनपद में पंजीकृत 30 लाइसेंसी जो रेडीमेड लाकर बिक्री करते रहते हैं। कानपुर में हुए विस्फोट के बाद प्रशासन ने सक्रिय होकर जांच शुरु कर दी है। इसकी हकीकत जानने के लिए जब लाइसेंसी दुकानों की पड़ताल की गई तो मानक के अनुरूप आबादी के बाहर पाई गईं। पता चला कि फायर सर्विस और प्रशासन के लोग दुकान में आ चुके हैं।
सूत्रों की मानें तो जनपद में अन्य हिस्से खास करके मुख्य कस्बे में भी अवैध तरीके से भंडारण किया गया है। धंधेबाजों ने दो माह पहले से ही पटाखों को स्टाॅक करना शुरू कर दिया है। अगर कहीं अवैध भंडारण किया गया है तो लोगों की मुश्किल बढ़ सकती है।
जिला मुख्यालय पर स्थाई लाइसेंस की हकीकत जानने के लिए पुराने नौगढ़ पहुंचे तो यहां दुकान आबादी से तकरीबन दो सौ मीटर दूर होगी। मुख्य मार्ग से 50 मीटर अंदर और नाले के किनारे है। यहां सुरक्षा के इंतजाम होने के साथ ही बगल में जो नाला है नेपाल से आता है। यहां हमेशा पानी रहता है। ऐसे में अगर यहां आपात स्थिति बनती है तो भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी और आग पर काबू पा लिया जाएगा।
त्योहार पर सक्रिय हो जाते हैं धंधेबाज : सूत्रों की मानें तो दीपावली पर धंधेबाजों ने अभी से अवैध गोदामों में पटाखा भरना शुरू कर दिया। शोहरतगढ़ कस्बे में कई जगहों पर, चिल्हिया, पल्टादेवी, कदवा बाजार, बरगदवा सहित तहसील क्षेत्र में गोदाम बनाए गए हैं। यहां अवैध तरीके से पटाखे रखे जा रहे हैं। अगर यह पटाखे किसी कारण विस्फोट हुआ तो बड़ी तबाही मचा सकती है, पिछली बार कपिलवस्तु थाना क्षेत्र के अलीगढ़वा में पटाखे की एक गोदाम में विस्फोट हुआ था। इस हादसे में कुछ लोग अपनी जान गवां दी थी और आसपास कई घर दहल गए थे। वहीं कुछ लोग अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि पटाखे की धंधेबाज हर साल पकड़े जाने के डर से गोदाम बदलते रहते हैं।
बांसी क्षेत्र में स्थित पटाखे की दुकान। संवाद