गोरखपुर। डोमिनगढ़ बंधे से दिग्विजयनगर टोला के बीच सड़क किनारे ही श्रीराम साहनी का मकान है। मकान के तीन तरफ नदी का पानी आ गया है।
मंगलवार को उनके बेटे की शादी थी। उन्होंने शादी सड़क पर ही छोटा सा टेंट लगाकर इंतजाम कर रखा था। जो मेहमान दूसरे गांव से आ रहे थे उनका रास्ता घर के पीछे से था। बहुत सारे मेहमान घर तक नहीं पहुंच पा रहे थे। श्रीराम चिंतित थे कि अंधरे में आना खतरनाक होगा। मेहमानों को घर तक किस रास्ते बुलाएं जहां ज्यादा दिक्कत न आए।
डोमिनगढ़ इलाके में बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंचने से कुछ इसी तरह की परेशानियां लोगों को झेलनी पड़ रही है। यहां के लोग राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से दहशत में हैं। अब उनके बाढ़ का डर सताने लगा है। उधर, मंगलवार को डोमिनगढ़ के पास रेलवे पुल के नीचे कोलिया जाने वाले मार्ग पर तीन फीट तक बाढ़ का पानी आ गया है। आवागमन बंद हो गया है। बहरामपुर और शेरगढ़ गांव भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। यहां के लोगों को आने-जाने में दिक्कतें हो रही है।
वहीं, दिग्वजयनगर और डिहवा टोला बाढ़ के पानी से घिर गया है। डोमिनगढ़-घुनघुन कोठा बंधे पर मिट्टी और बोल्डर धंसने लगा है। थोड़ी दूर बढ़ते ही डोमिनगढ़ से घुनघुन कोठा की ओर जाने वाले बंधे पर एक भंडारी नाम के शख्स मिले। वे बंधे पर ही मिट्टी को समतल कर रहे थे। बोले, बाढ़ का क्या भरोसा। नदी जिस तरह बढ़ रही है कभी गांव पानी से घिर जाएगा। ऐसे में बंधे पर ही अस्थायी निवास के लिए जगह बना रहे हैं। यहां तिरपाल लगाकर सुरक्षित तो रह सकेंगे।
घुनघुन कोठा गांव से ही बंधा सहजनवां की ओर गया है। इस बंधे पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिसे केवल बोरियों से घेर दिया गया है। कुछ जगहों पर तो 4 से 5 फीट तक गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसे सही नहीं किया गया तो रिसाव हो सकता है।
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प्रशासन ने मांगा है बाढ़ प्रभावितों की सूची
डोमिनगढ़ में तीन टोले हैं, दिग्विजयनगर, शिवरिया और डिहवा। यहां कुल 4000 की आबादी रहती है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सूची मांगी हैं। बुधवार को सूची एसडीएम को सौंप दूंगा।
अवनीश यादव, ग्राम प्रधान डोमिनगढ
बोले लोग
नदी का जलस्तर बढ़ने से खेत डूबने लगे हैं। पानी लगातार बढ़ रहा है। इससे तो धान की फसल ही चौपट हो जाएगी। गांव में अगर बाढ़ का पानी आया तो बड़ी मुश्किल होगी।
रामप्रीत, उत्तरी कोलिया
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डोमिनगढ़ रेलवे पुल के नीचे कोलिया और डोमिनगढ़ को जोड़ने वाली सड़क पर तीन फीट तक पानी लग गया है। कुछ लोग खतरा मोल लेकर आ-जा रहे हैं।
हरिवंश राज
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गोविंदगढ़ पुल के नीचे से कोलिया जाने के लिए कई बाइक सवार सुबह से आए और पानी भरा हुआ देखकर लौट गए। यहां से अब बाइक से गुजर पाना मुमकिन नहीं है।
दुर्गेश साहनी
अफसरों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा
गोरखपुर। बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा अफसरों ने शुरू कर दिया है। एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र शेरगढ़ व बहरामपुर गांव का औचक निरीक्षण किया। गांव के लोगों से बाढ़ के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की समस्या होने पर तत्काल प्रशासन को सूचना दें। बच्चों को नदी में नहाने न भेजें। प्रशासन पूरी तरह से बाढ़ से निपटने के लिए तैयार है। उनके साथ नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।