हैप्पीनेस पाठ्यक्रम के कल्पक श्रवण शुक्ल की गोरखपुर वापसी इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री एव
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हैप्पीनेस पाठ्यक्रम तैयार करने वाले श्रवण शुक्ल प्रतिनियुक्ति पूरी कर घर लौटे
गोरखपुर। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए हैप्पीनेस पाठ्यक्रम तैयार करने वाले श्रवण अब अपने जिले में लौट आए हैं। पाठ्यक्रम के जरिये अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलेनिया ट्रंप से वाहवाही हासिल करने वाली टीम के सदस्य श्रवण शुक्ल एक जनवरी 2021 से पिपराइच विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय चिलबिलवां में अपनी सेवाएं देंगे।
जनवरी 2016 से दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर गए श्रवण कुमार शुक्ल की टीम द्वारा बनाए गए इस पाठ्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, यूएई, नेपाल और अफगानिस्तान जैसे देशों ने भी रुचि दिखाई है। उत्तराखंड में यही पाठ्यक्रम ‘आनंदम पाठ्यचर्या’ के नाम से संचालित है। आंध्र प्रदेश आदि राज्य अपने स्थानीय भाषा में इस पाठ्यक्रम का अनुवाद करा रहे हैं।
इस प्रयास के साथ ही दिल्ली एससीईआरटी में चलने वाले डीएलएड कोर्स में भी श्रवण द्वारा एक पाठ्यक्रम बनाया गया है। गोरखपुर के डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने एक वर्ष पूर्व हैप्पीनेस पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए पहल की है। इसके तहत जिले में समिति का गठन किया गया। मगर कोरोना काल की वजह योजना का क्रियान्वयन अभी नहीं कराया जा सका है।
साथियों ने दी श्रवण को विदाई
पांच साल की प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी करने पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री एवं हैप्पीनेस टीम द्वारा श्रवण को सम्मानपूर्वक विदाई देने के लिए डायट अंसारी रोड दरियागंज में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने श्रवण के योगदान की काफी सराहना की ।