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Gorakhpur News: हाई फाई जिंदगी के दिखाए ख्वाब...परिवार से नाराज होकर छोड़ दिया था घर

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- पीपीगंज में दो छात्राओं के घर छोड़ जाने का मामला

- दोनों नाराज होकर गईं थीं अंबेडकरनगर, जैनब की हनीस से थी दोस्ती


अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पीपीगंज थाना क्षेत्र से घर से लापता दोनों छात्राओं को गेस्ट हाउस संचालक ने हाई फाई जिंदगी के ख्वाब दिखाए थे। कहा था कि, अंबेडकरनगर में अच्छी नौकरी मिलेगी जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल जाएगी। इसी झांसे में आकर छात्राओं ने घर छोड़ दिया था। पुलिस को दोनों अंबेडकरनगर से मिलीं। मामले को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस ने पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 19 वर्षीय छात्रा और गेस्ट हाउस संचालक मोहम्मद हनीश को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह कक्षा आठ में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा कक्षा 10 की 19 वर्षीय छात्रा के साथ घर से स्कूल के लिए लेकिन देर शाम तक नहीं लौटीं। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद पीपीगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शनिवार को पुलिस टीम ने दोनों छात्राओं को अंबेडकरनगर जिले से खोज लिया। वहां एक गेस्ट हाउस में दोनों रुकी हुईं थीं। छापे के दौरान गेस्ट हाउस संचालक मोहम्मद हनीश पकड़ा गया था।
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पुलिस की पूछताछ में युवती ने बताया कि वह हनीस से पूर्व परिचित है। उसका दावा था कि कुछ माह पहले वह परिवार के साथ अंबेडकरनगर गई थी और उसी गेस्ट हाउस में रुकी थी। घर से निकलने के बाद उसने हनीस को फोन किया था, हनीस ने उन्हें अंबेडकरनगर में रिसीव किया। वहीं, सूत्रों का कहना है कि हनीस के कहने पर ही जैनब किशोरी को बहला-फुसला कर अपने साथ ले गई थी।
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किशोरी के पिता बोले - बेटी का किया ब्रेन वॉश
जंगल कौड़िया। जेल भेजी गई छात्रा की मां ने दावा किया कि किशोरी उसकी बेटी की सहेली थीं। किशोरी हर दो-तीन दिन पर उनके घर आती थी। उन्होंने अपनी बेटी पर लगे आरोपों को गलत बताया। कहा कि, उनकी बेटी नाश्ता लेकर स्कूल गई थी वापस नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू की। दो छोटे बेटे पढ़ाई करते हैं और वह खुद सिलाई का काम करती है, पति मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और पल्लेदारी करते हैं। अंबेडकरनगर में उनकी कोई रिश्तेदारी नहीं है। दूसरी ओर किशोरी के पिता ने बताया कि युवती ने उनकी बेटी को अंबेडकरनगर ले जाकर कुछ लोगों के साथ दरगाह पहुंचाया। वहां से सभी गेस्ट हाउस में रुके, जहां एक मौलवी भी था। लोकेशन ट्रेस कर पुलिस मौके पर पहुंची। पिता का कहना है कि अगर भारी पुलिस बल नहीं होता तो अनहोनी हो सकती थी। बेटी शुरुआत में पांच मिनट मानसिक रूप से असंतुलित लग रही थी, ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसके ब्रेन को वॉश किया गया है। बताया जा रहा है कि युवती दो साल पहले भी एक हफ्ते के लिए घर से गायब हुई थी। संवाद


वर्जन

किशोरी को साथ ले गई एक छात्रा और गेस्ट हाउस संचालक मोहम्मद हनीश को गिरफ्तारी किया गया है। पूरे प्रकरण के हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- ज्ञानेंद्र कुमार, एसपी नार्थ


बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर करें निगरानी
समाजशास्त्री डॉ. दीपेंद्र मोहन सिंह का कहना है कि वर्तमान समाज में पारंपरिक मूल्यों, सामाजिक नियंत्रण और सामुदायिक निगरानी में कमी आई है। संयुक्त परिवारों के विघटन और व्यस्त जीवनशैली ने युवाओं के साथ भावनात्मक संवाद घटा दिया है जिससे अपराध-प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही आपराधिक व्यवहार को प्रतिष्ठा मानने वाली उपसंस्कृतियां युवाओं को विचलित कर रहीं हैं। आभासी दुनिया तुरंत प्रतिक्रिया और डिजिटल उत्तेजना की आदत डाल रही है। युवाओं में सही-गलत का नैतिक बोध कमजोर होता जा रहा है, जिससे हिंसात्मक प्रतिक्रिया सामान्य प्रतीत होने लगी है। परिवार में संवाद-केंद्रित पालन-पोषण और बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर संतुलित निगरानी की आवश्यकता है। युवा भावनात्मक अपरिपक्वता के कारण प्रेम की भावना को समझने और उसका प्रबंधन करने में असमर्थ होते हैं। साथ ही पारिवारिक सदस्यों के मध्य संचार की कमी के कारण बच्चे अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाते। समकालीन समय में परिवार की ओर से भावनात्मक समर्थन और मार्गदर्शन प्रदान करना आवश्यक है। परिवार में संचार को बढ़ावा देना चाहिए।
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