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साहब! बेटे-बहू नहीं दे रहे भोजन, बुढ़ापे में कैसे कटे ज़िन्दगी?

Tue, 21 Jan 2020 09:25 PM IST
विजय जैन शोभित कुमार पांडेय, (संतकबीरनगर)।

सार

  • बहू के नाम धोखे से संपत्ति दान पत्र में लिखवा लेने का आरोप
  • भुखमरी के कगार पर पहुंचे दंपती, सीडीओ, एसडीएम से लगाई गुहार
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सीडीओ और एसडीएम से गुहार लगाते भुखमरी के कगार पर पहुंचे दंपति। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खलीलाबाद नए तहसील भवन में मंगलवार को चल रहे संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे एक बुजुर्ग दंपत्ती की पीड़ा छलक उठी। बुजुर्ग दंपत्ती की फरियाद यही थी कि साहब, बेटे ने धोखे से संपत्ति बहू के नाम दान पत्र में लिखवा लिया और अब तीन महीने से देखरेख नहीं कर रहा है। भोजन भी नहीं दे रहा है। ऐसे में बुढ़ापा कैसे कटे, यह सवाल खड़ा हो गया है। बुजुर्ग दंपत्ती की पीड़ा सुनकर समाधान दिवस में बैठे हर अधिकारी और कर्मचारी भावुक हो गए। सीडीओ और एसडीएम ने बुजुर्ग दंपत्ती को मदद करने का भरोसा दिया।
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बखिरा क्षेत्र के खुखुंडा गांव के रहने वाले 78 वर्षीय राम संवारे हाथ में प्रार्थना पत्र लेकर अपनी पत्नी शिव दुलारी के साथ खलीलाबाद संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे। बुजुर्ग दंपत्ती ने बताया कि उनके पास इकलौता बेटा गनेश है। परिवार में बेटे गनेश ,बहू मीना देवी और दो नातिन व एक नाती हैं। उसके पास सवा बीघा जमीन है। आरोप है कि बेटे गनेश ने धोखे से उसकी जमीन दान पत्र में बहू मीना देवी के नाम लिखवा लिया।
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दंपत्ती ने रोते हुए बताया कि बेटे और बहू अब उन्हें भोजन भी नहीं दे रहे हैं। बेटे-बहू को निर्देशित किया जाए कि वह वृद्ध दंपत्ती को भोजन देने के साथ उनकी देखरेख करें। यदि ऐसा नहीं करते हैं, उनका भरण पोषण कौन करेगा और वह कहां जाएंगे व कैसे रहेंगे। एसडीएम ने तत्काल फोन पर गनेश से वार्ता किया और उसे कार्यालय पहुंच कर वस्तु स्थिति के बारे में बताने का निर्देश दिया।

शासन की ओर से भी निराश्रित लोगों की मदद की योजना संचालित है। वृद्ध दंपत्ती की पूरी मदद की जाएगी। उसके बेटे गनेश को नोटिस जारी कर भरण पोषण के लिए खर्च देने के लिए तलब किया जाएगा। एसओ बखिरा को निर्देशित किया गया है कि पहले तो गनेश को समझाए, यदि वह अपने बूढ़े मां- बाप की सेवा करने से इंकार करता है तो उसके खिलाफ धोखे से संपत्ति दान पत्र में लिखवा देने के आरोप में केस भी दर्ज करें। इसके अलावा शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करके रिपोर्ट भेजे।
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