सीडीओ और एसडीएम से गुहार लगाते भुखमरी के कगार पर पहुंचे दंपति।
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खलीलाबाद नए तहसील भवन में मंगलवार को चल रहे संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे एक बुजुर्ग दंपत्ती की पीड़ा छलक उठी। बुजुर्ग दंपत्ती की फरियाद यही थी कि साहब, बेटे ने धोखे से संपत्ति बहू के नाम दान पत्र में लिखवा लिया और अब तीन महीने से देखरेख नहीं कर रहा है। भोजन भी नहीं दे रहा है। ऐसे में बुढ़ापा कैसे कटे, यह सवाल खड़ा हो गया है। बुजुर्ग दंपत्ती की पीड़ा सुनकर समाधान दिवस में बैठे हर अधिकारी और कर्मचारी भावुक हो गए। सीडीओ और एसडीएम ने बुजुर्ग दंपत्ती को मदद करने का भरोसा दिया।
बखिरा क्षेत्र के खुखुंडा गांव के रहने वाले 78 वर्षीय राम संवारे हाथ में प्रार्थना पत्र लेकर अपनी पत्नी शिव दुलारी के साथ खलीलाबाद संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे। बुजुर्ग दंपत्ती ने बताया कि उनके पास इकलौता बेटा गनेश है। परिवार में बेटे गनेश ,बहू मीना देवी और दो नातिन व एक नाती हैं। उसके पास सवा बीघा जमीन है। आरोप है कि बेटे गनेश ने धोखे से उसकी जमीन दान पत्र में बहू मीना देवी के नाम लिखवा लिया।