गोरखपुर। सूर्यकुंड धाम में में आयोजित श्रावण महोत्सव के 28वें दिन बुधवार को शिवपूजन, जलाभिषेक, निशुल्क सामूहिक रुद्राभिषेक और शिव महापुराण कथा का आयोजन हुआ। शाम को शिव महापुराण कथा में कथावाचक पंडित अवनीश शुक्ला ने कहा कि शिव का अर्थ कल्याण, शुभता और मंगल करने वाला है। भगवान शिव में ब्रह्मांड, समस्त जीव-जंतु और प्रकृति की ऊर्जा समाहित है।
सूर्यकुंड धाम विकास समिति के तत्वावधान आयोजित महोत्सव में ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का षोडशोपचार पूजन किया। शिवलिंग पर पुष्प, बेलपत्र, धतूरा, पंचामृत, शमी पत्र, अक्षत, चंदन और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। शंख, घंटा-घड़ियाल और जयघोष से धाम का वातावरण भक्तिमय हो गया। शिव महापुराण कथा में कथावाचक अवनीश शुक्ला ने कहा कि सत्य के मार्ग पर चलकर भगवान शिव की प्राप्ति की जा सकती है। शिव त्याग, तपस्या, वात्सल्य और करुणा की मूर्ति हैं। वे सहज ही प्रसन्न होकर भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। ऐसे देवाधिदेव की शरण में ही मनुष्य का कल्याण निहित है।
कार्यक्रम में संतोष मणि त्रिपाठी, सच्चिदानंद द्विवेदी, पूनम त्रिपाठी, अर्चना शर्मा, सूर्यकुमार मणि, सरस्वती त्रिपाठी, सूर्य प्रिया मणि त्रिपाठी, वीना श्रीवास्तव, गायत्री त्रिपाठी, मदन राजभर आदि मौजूद रहे।