गोरखपुर। मई-जून में लगन नहीं था, अब जुलाई में भी केवल सात दिन ही लगन है। लगन कम होने से लोग अपने बेटे व बेटियों की शादी की तारीख को लेकर परेशान हैं। दिक्कत केवल बैंडबाजा, मैरेजहाल का ही नहीं है, बल्कि पुरोहितों का भी संकट है। सभी यजमानों के यहां पहुंचकर शादी करवाने का धर्मसंकट बना हुआ है। ऐसे में एक पुरोहित कई मंडपों में मंत्र पढ़ते नजर आएंगे।
जुलाई में लगन 9 तारीख से लेकर 15 तारीख के बीच है। एक सप्ताह के इस लगन मे अभिवावकों की चिंता भी स्वाभाविक है। एक तरफ जहां एक ही तिथि पर कई रिश्तेदारों के यहां भी शादी तय हो गई है, वहीं पुरोहित भी शादी के लिए नहीं मिल रहे। 15 जुलाई को बेटे की शादी तय किए गोरखनाथ क्षेत्र के रहने वाले वीएस मिश्र ने बताया कि हमारे पुरोहित दूसरे यजमान को वचन दे दिए हैं, इसलिए अभी तक पंडित तय नहीं हो पाए हैं। मंडप और गाड़ी से अधिक किल्लत पंडित की है।
आचार्य शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि 9 जुलाई को दिन और रात दोनों समय विवाह के मुहूर्त है।10 को केवल दिन में मुहूर्त व 11 को दिन और रात दोनों समय मुहुर्त है। 12 जुलाई को भी दिन और रात दोनों समय लगन है। 13 को केवल दिन में व 14 जुलाई को केवल रात में तथा 15 जुलाई को दिन और रात दोनों समय लगन है। पंडित बृजेश पांडेय ने बताया कि जुलाई महीने में सात दिन ही लगन होने से ज्यादा शादियां इन दिनों में होंगी जिससे पुरोहितों की कमी होना स्वाभाविक है।