शिक्षा से वंचित बच्चों को तलाशेगी ‘शारदा’
स्कूल न जाने वाले बच्चों के चिह्नांकन को चलेगा अभियान
बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले 6-14 वर्ष के बच्चों पर फोकस
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सरकार ने पढ़ाई से वंचित बच्चों के लिए नई व्यवस्था की शुरुआत की है। बच्चों के नामांकन एवं शिक्षा व्यवस्था के लिए ‘शारदा’ (स्कूल हर दिन आएं) योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत 6 से 14 वर्ष तक के उन बच्चों को तलाशा जाएगा, जिनका अभी तक किसी भी स्कूल में नामांकन नहीं हुआ अथवा जो बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ दिए हैं। ऐसे बच्चों को सरकार शारदा योजना नए सत्र से प्रवेश दिलाएगी।
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को जारी निर्देश में अवगत कराया है कि प्रधानाध्यापकों द्वारा विद्यालय से सेवित बस्तियों में छह से 14 वर्ष तक के सभी आउट ऑफ स्कूल बच्चों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। बच्चों का पंजीकरण एवं नामांकन दो चरणों में होगा। प्रथम चरण में बच्चों का पंजीकरण एक फरवरी से 15 अप्रैल तक किया जाएगा। इन सभी बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। द्वितीय चरण में बच्चों का पंजीकरण 21 मई से 15 जुलाई तक किया जाएगा। इन सभी बच्चों का प्रवेश तय समय तक पूरा किया जाएगा। जिला समन्वयक सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पत्र का अनुपालन कराने के लिए बीएसए की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानाध्यापक होंगे पुरस्कृत
जिन विद्यालयों में सर्वे में चिह्नित सभी आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शत-प्रतिशत नामांकन करते हुए नामांकन के सापेक्ष कम से कम 15 फीसदी की वृद्धि की जाएगी। उनसे से प्रत्येक विकास खंड के एक सर्वश्रेष्ठ प्रधानाध्यापक को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं, जिन विकास खंडों में यह लक्ष्य निर्धारित होगा, उसमें से जिले के एक सर्वश्रेष्ठ खंड शिक्षाधिकारी को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
अनुपस्थिति पर अभिभावक से मिलेंगे शिक्षक
अगर बच्चा एक सप्ताह तक अनुपस्थित रहता है तो संबंधित शिक्षक बच्चे के माता-पिता से व्यक्तिगत संपर्क करेंगे। इसके बाद भी यदि बच्चा अनुपस्थित रहता है तो प्रधानाध्यापक व्यक्तिगत प्रयास करेंगे। यदि इसके बाद भी बच्चा अनुपस्थित रहता है तो खंड शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी जो अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई करेंगे।