गोरखपुर शहर के सात सराफा कारोबारी सोने के अवैध कारोबार के करने के चलते वस्तु एवं सेवा कर विभाग (जीएसटी) के रडार पर हैं। जीएसटी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) यूनिट इनकी रेकी भी कर चुकी है। टीम के सदस्य अक्षय तृतीया के समय ग्राहक बन बाजार गए और कच्ची पर्ची पर सोने की खरीदारी भी की। टीम ने रसीद के साथ इसे सुरक्षित कर लिया। चार ऐसे नाम हैं, जो लंबे समय से सोने के अवैध कारोबार से जुड़े हैं। वहीं, तीन नए नाम विभाग के सामने आए हैं।
सोने पर तीन प्रतिशत जीएसटी लगता है। अवैध सोने का कारोबार करके तस्कर जीएसटी की चोरी तो करते ही हैं, अवैध सोने काे भी खपाते हैं। इसकी खरीदारी और बिक्री रिकाॅर्ड में नहीं होती। ऐसे में इसे खपाने में इन्हें खुद तो आर्थिक लाभ ( बिना जीएसटी जमा किए) मिलता है, लेकिन विभागों को राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा बिना पंजीकरण के आर्टिफिशियल आभूषणों पर कम मात्रा ( 8 कैरेट) का सोना खपा कर 18 कैरेट के सोने के साथ आभूषण बेच रहे हैं। इससे ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं।
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सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले फर्जी आभूषण बेचने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तो मौके पर करीब 12 किलो सोने-चांदी के अवैध आभूषण मिले थे। जीएसटी को यह भी सूचना मिली थी कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) में दुकान का पंजीकरण आर्टिफिशियल आभूषण बेचने वाले के तौर पर कराया गया है, इसकी आड़ में व्यापारी फर्जी तरीके से सोने का आभूषण बेच रहा है। जीएसटी टीम को यह भी सूचना मिली कि बाजार में रोजाना अवैध सोना खपाया जा रहा।
इसी आधार पर जीएसटी की एसआईबी टीम ग्राहक बनकर बाजार में घूमने लगी। अक्षय तृतीया के बाद अवैध सोने का कारोबार करने वाले तीन तस्करों को डीआरआई की टीम ने पकड़ लिया। इन्हीं से बाजार में सोना खपाए जाने वाले व्यापारियों के नाम की जानकारी हो सकी। एसआईबी की गोपनीय टीम ने मामले में तफ्तीश करते हुए सात व्यापारियों पर अपना शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।