गोरखपुर। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में कार्यरत छह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त कर दी गई है। सेवा समाप्ति से पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी के वहां से सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले नोटिस दिया गया। जवाब न मिलने पर उनके घरों पर नोटिस चस्पा कर चेतावनी दी गई कि यदि उनके द्वारा जवाब नहीं दिया गया तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। अंतिम चेतावनी के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर छह के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों को संचालित करने के लिए केंद्रों पर आंगनबाड़ी व सहायिका की तैनाती की जाती है। जिले में लगभग चार हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं। उन केंद्रों पर आने वाले बच्चों पढ़ाने के अलावा उनको कुपोषण से मुक्त कराने के लिए भी उपाय किए जाते हैं। शासन की तरफ से मिलने वाले पोषाहार का वितरण भी यही करती हैं। लेकिन, कई आंगनबाड़ी अपने केंद्र पर सालों से आती ही नहीं थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अपने स्तर से जांच कराया तो सभी सालों से अनुपस्थित मिली। उनको नोटिस दिया गया। जवाब नहीं मिलने पर सभी की सेवा समाप्त कर दी गई।
जिनकी सेवा समाप्त की गई है उनमें शहर परियोजना के अंतर्गत आने वाले महुई सुघरपुर केंद्र की मांडवी श्रीवास्तव, उत्तरी जटेपुर की हेमलता, बांसगांव परियोजना के उनवल केंद्र की संध्या शर्मा, शहर परियोजना के बरगदवां केंद्र की संध्या शर्मा, दरगहिया केंद्र की शारदा देवी, जबकि जंगल कौड़िया ब्लाॅक के चकिया केंद्र की संध्या शुक्ला की सेवा समाप्त कर दी गई है।
लगातार अनुपस्थित रहने के कारण जिले की छह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त कर दी गई। सेवा समाप्ति से पहले सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। लेकिन, किसी ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। सभी को डीएम के वहां सुनवाई का मौका दिया गया था। लेकिन, कोई वहां उपस्थित नहीं हुआ। इस लिए इनकी सेवा समाप्त कर दी गई। यदि कोई आंगनबाड़ी लगातार अनुपस्थित रहेगी तो उसके साथ भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अभिनव कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी