गोरखपुर। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ व अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ की ओर से आयोजित पंचदिवसीय व्याख्यानमाला का उद्घाटन शनिवार को हुआ। मुख्य अतिथि एमएमयूटी के अधिष्ठाता गोविंद पांडेय रहे।
मुख्य अतिथि ने कहा कि भारत जब प्रगति करता है तब वह विश्व की प्रगति में योगदान देता है। स्वतंत्रता के बाद हमने आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से चरखा समितियों तथा लघु उद्योगों से जुड़ने का काम किया। आत्मनिर्भरता को देश की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण औंजार माना गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अंतरिक्ष के क्षेत्र में इसरो दुनिया का प्रमुख सफल शोध और विकास संस्थान बनकर उभरा है। उसने न सिर्फ ब्रह्मांड को जानने के लिए आधुनिक उन्नत तकनीक इजाद की है, बल्कि, धरती पर मानव जीवन सुगम बनाने पर भी उतना ही ध्यान रखा है।
इस अवसर पर कमलनाथ, डॉ. दिग्विजय शुक्ल, डॉ. रोहित कुमार मिश्र, डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र, शशि कुमार, ओम प्रकाश त्रिपाठी, हृदयनारायण शुक्ल, दीपनारायण, पुरुषोत्तम चौबे, शुभम मिश्र, शशांक पांडेय, नवनीत चौधरी सहित विभिन्न संस्थाओं से आए विद्यार्थी उपस्थित रहे।