गोरखपुर। खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर शिक्षकों ने अपनी प्राथमिकताएं तय करनी शुरू कर दी हैं। इस बार पुरानी पेंशन की बहाली, शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन, पदोन्नति और विद्यालयों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमुख मुद्दे बनकर सामने आ रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान कराने वाले प्रत्याशी को सदन में भेजा जाएगा।
- स्ववित्तपोषित शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन और नौकरी की सुरक्षा दिलाया जाना चाहिए। सरकारी विद्यालयों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए। राजकीय विद्यालयों की तर्ज पर सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी पदोन्नति की व्यवस्था हो। सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षक जिस पद पर भर्ती होता है, अक्सर उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाता है।
डॉ. मनोज कुमार राय, शिक्षक
-पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। शिक्षकों को सेवा सुरक्षा की गारंटी मिले और उनकी सेवा शर्तों को सुरक्षित किया जाए। लंबे समय से शिक्षकों की यह प्रमुख मांग है, जिस पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।
प्रमेंद्र कुमार, शिक्षक
पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर शिक्षक समुदाय इस बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेगा। 2005 के बाद नियुक्त राज्य और केंद्र सरकार के नियमित कर्मचारियों के सामने सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा का बड़ा सवाल है। ऐसे में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होना जरूरी है।
शिव सागर राय, शिक्षक
-शिक्षकों की सेवा शर्तों में समानता लाई जाए और पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित किए जाएं। सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को भी राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों की तरह आगे बढ़ने का अवसर मिले। शिक्षक हितों से जुड़े लंबित मुद्दों का स्थायी समाधान किया जाए।
पृथ्वीपाल, शिक्षक