एडीजी ने बताया कि ऐसा संभव है कि कुछ लोग इसका फायदा लेकर अपना फोन किसी और देकर स्वयं अपराध में लिप्त हो जाएं। साथ ही लाइव लोकेशन किसी व्यक्ति के स्वयं के मौजूद होने को प्रमाणित होने की व्यवस्था नहीं है, यह किसी वीडियो लोकेशन के माध्यम से ही संभव है। अगर ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ किसी अपराध में लिप्त होने की कोशिश की शिकायत प्राप्त होती है तो उपरोक्त व्यवस्था के तहत उसकी जांच होगी।
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अगले चरण में एंकल डिवाइस लगाएगी पुलिस
एडीजी ने बताया कि विदेशों में एंकल डिवाइस बदमाशों के हाथ में लगा दिया गया है। यह घड़ी की तरह होती है, जिसे बदमाश खुद नहीं निकाल सकता है। इसे भी अगले चरण में लाने की तैयारी की जा रही है। अगर प्रयोग सफल रहा तो जल्द ही इस डिवाइस को मंगाया जाएगा।