गुपचुप तरीके से हो रही थी डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति
देवरिया। बाबू मोहन सिंह जिला अस्पताल परिसर स्थित जिला क्षय रोग केंद्र में डाटा इंट्री आपरेटर के पद कार्य कर रहे मानदेय कर्मचारी की नियम विरुद्ध स्थायी नियुक्ति कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। बिना विज्ञापन निकाले की जा रही इस नियुक्ति की पत्रावली पर डीएम ने संस्तुति नहीं दी। इसके बाद इस मामले की पोल खुली।
जिला क्षय रोग केंद्र पर डाटा इंट्री ऑपरेटर की आवश्यकता थी। स्थायी डाटा इंट्री आपरेटर के आने तक डूडा के शहरी आजीविका मिशन (सीएलसी) से एक साल पहले ऑपरेटर की डिमांड की गई। मानदेय पर ऑपरेटर की नियुक्ति हुई। आरोप है कि कुछ दिन बाद ही ऑपरेटर को स्थायी कराने के लिए सीएमओ को बिना बताए जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यवृत्ति तैयार कर ली गई। इसके बाद पत्रावली डीएम के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई। यह देेख खुद डीएम चौक गए। उन्होंने पत्रावली पर संस्तुति न देकर इसकी सूचना मुख्य चिकित्साधिकारी को दी। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर (डीपीएम) पूनम के मुताबिक यह नियुक्ति वाला पद है। इसके लिए विज्ञापन निकलना चाहिए, लेकिन इस मामले में भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। ऐसे में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से इस पद पर किसी की स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकती।
डाटा इंट्री आपरेटर की स्थायी नियुक्ति का मामला जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक में प्रस्तुत किया था, जो विचाराधीन है। बिना जानकारी पत्रावली भेजने की बात गलत है। अनुमोदन करना कमेटी का काम है।
- डॉ. वी. झा, जिला क्षय रोग अधिकारी
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डाटा इंट्री आपरेटर को स्थायी करने का प्रस्ताव जिला क्षय रोग अधिकारी ने रखा था, जो नियम विरुद्ध है। जिलाधिकारी के माध्यम से मुझे इसकी जानकारी हुई। इस मामले की जांच की जाएगी।
- डॉ. आलोक पांडेय, सीएमओ