दिवाली से छठ तक बड़ी संख्या में परदेशी लौटते हैं गांव
तीन महीने पहले ही लोगों ने बुक करा ली हैं सीटें
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अक्तूबर में दशहरा और नवंबर के पहले सप्ताह में दिवाली और छठ पूजा में बड़ी संख्या में परदेसी अपने गांव लौटेंगे। इसके लिए लोगों ने अभी से टिकट बुकिंग शुरू कर दी है। इसका असर यह है कि दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, पुणे आदि शहरों से गोरखपुर के लिए दशहरा से छठ पूजा तक सभी प्रमुख ट्रेनें फुल हो चुकी हैं। अब लोगों की सारी उम्मीद फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों पर है। मौके का फायदा उठाने के लिए निजी बस ऑपरेटरों ने भी तैयारी शुरू कर दी है।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर हर दिन करीब एक लाख लोगों का आना-जाना होता है। त्योहार नजदीक आते ही यह संख्या डेढ़ से दो गुना बढ़ जाती है। हालांकि, रेलवे की तरफ से बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं, लेकिन भीड़ बढ़ती ही जा रही है। इस साल 12 अक्तूबर को दशहरा और एक नवंबर को दिवाली है। सात नवंबर को छठ पूजा है। इन प्रमुख त्योहारों पर घर वापसी के लिए लोग महीने भर से टिकटों की बुकिंग में लगे हैं। इसका नतीजा यह है कि दिल्ली से गोरखपुर के बीच चलने वाली वैशाली, सप्तक्रांति, गोरखधाम, बिहार संपर्क क्रांति जैसी प्रमुख ट्रेनों में सभी सीटें फुल हो गई हैं।
चंपारण संपर्क क्रांति, सत्याग्रह, आम्रपाली आदि ट्रेनों में भी केवल तत्काल टिकट ही उपलब्ध है। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आएंगे, यह भीड़ और बढ़ती जाएगी। सबसे अधिक मारामारी महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाली ट्रेनों में है। क्योंकि उस रूट पर ट्रेन कम हैं और यात्री अधिक।
प्राइवेट बस ऑपरेटर भुनाएंगे मौके का फायदा
गोरखपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली एक प्राइवेट बस के बुकिंग एजेंट एजाज अहमद ने बताया कि प्राइवेट बसों में सीट मिलेगी। इसके लिए बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। बस ऑपरेटर्स ने गोरखपुर से दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, पटना, मुजफ्फरपुर आदि जगहों के लिए अतिरिक्त बसों का इंतजाम कर लिया है। अब प्राइवेट बसों में भी भीड़ के हिसाब से किराया तय हो रहा है। अभी गोरखपुर से दिल्ली के बीच 1500 से 2000 रुपये तक का टिकट उपलब्ध है। भीड़ बढ़ने पर यह किराया 2500 से तीन हजार तक पहुंच जाएगा। दिवाली से तीन दिन पहले जब भीड़ एकदम चरम पर होती है तो उस वक्त लोग 4500 रुपये तक भी देकर यात्रा करने को तैयार रहते हैं। पिछले साल का अनुभव शानदार रहा, इसीलिए इस बार बसों की संख्या बढ़ा रहे हैं।