पेड़ कटान मामले में रविवार को एसडीएम गोला ने फिर से जांच की। दो तहसीलों में छोटे-बड़े कुल 419 पेड़ काटे गए। जांच में यह भी सामने आया कि पेड़ काटे जाने की वन विभाग, पीडब्ल्यूडी और पुलिस तीनों विभागों को जानकारी थी, लेकिन न तो किसी ने अवैध कटान रोकने की कोशिश की और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। एसडीएम गोला सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपेंगे।
एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले में लापरवाही तलाशने के साथ ही इसका खास ध्यान रखना है कि कोई निर्दोष न फंसे। पेडों की गिनती का कार्य पूरा हो गया है। 334 छोटे बड़े पेड़ गोला तहसील के और 85 खजनी तहसील क्षेत्र से काटे गए हैं। जांच में विभागों की घोर लापरवाही सामने आई है। पीडब्लूडी ने जब सड़क की चौड़ाई का काम शुरु किया तो उसी समय लोगों ने पेड़ो की कटाई भी शुरू कर दी।
इसके पहले उस क्षेत्र के लोगों ने पेड़ पर कभी हाथ तक नहीं लगाया। वन रक्षक पेड़ों की रखवाली के लिए गश्त करते रहते हैं। कहा कि विभाग को अगर कटान की जानकारी हो गई थी तो इसकी सूचना समय से वन विभाग को क्यों नहीं दी गई। पुलिस भी रोज उसी रास्ते आती जाती है। उन्हें भी पेड़ों की कटान नहीं दिखी। कहा कि उक्त विभाग अपनी जिम्मेदारी से अनभिज्ञ बन बच नहीं सकते हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही कमिश्नर को रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल जांच चल रही है। अभी किसी तरह की कोई रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। विभागों की घोर लापरवाही आई सामने। एक दूसरे पर दोषारोपण कर नही बच सकते जिम्मेदार ।
-राजेंद्र बहादुर , एसडीएम गोला