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Gorakhpur News: पीआरवी टीम से हाथापाई, वर्दी फाड़ी, पांच दिन बाद 5 पर केस दर्ज- जानिए क्यों लगा इतना समय

Sun, 16 Nov 2025 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

पीआरवी प्रभारी ने तत्काल थाना प्रभारी को सूचना दी, जहां से प्रद्युम्न को थाने लाने का आदेश मिला। तहरीर के अनुसार, पुलिस जब प्रद्युम्न को साथ लाने लगी तो उसकी मां और बहनों ने हस्तक्षेप किया, गाली-गलौज की और कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की वर्दी पकड़कर बटन तक तोड़ दिए।
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सांकेतिक  - फोटो : सांकेतिक
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विस्तार
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पिपराइच थाना क्षेत्र के नईपार गांव में नाली का पाइप डालने के विवाद ने तब गंभीर रूप ले लिया, जब सूचना पर पहुंची पीआरवी टीम के साथ स्थानीय युवक प्रद्युम्न और उसके परिजनों ने हाथापाई कर दी। वर्दी फाड़ने तक की नौबत आने के बाद मामला पांच दिन तक शांत रहा लेकिन संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस ने शुक्रवार रात मां-बेटे समेत पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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पीआरवी टीम के हेड कांस्टेबल संतोष कुमार मौर्य की तहरीर के मुताबिक, नौ नवंबर की सुबह 10:42 बजे नाली के पाइप को लेकर विवाद की सूचना मिली थी। सूचना देने वाले पुनीत कन्नौजिया ने बताया कि वह सरकारी रास्ते के नीचे जलनिकासी की पाइप डालना चाहते थे लेकिन गांव के ही प्रद्युम्न इसका विरोध कर रहे थे। 

मौके पर पहुंचे पीआरवी प्रभारी हेड कांस्टेबल आनंद स्वरूप उपाध्याय व टीम ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रद्युम्न अचानक उग्र हो गया और किसी भी हाल में पाइप न डालने देने की बात कहकर थाने चलने से भी इन्कार कर दिया। कुछ देर बाद प्रद्युम्न अपनी मां मुन्नी देवी, बहनों लक्ष्मी और रोली के साथ फिर घटनास्थल पर पहुंचा और पुलिस के सामने ही पुनीत से उलझ पड़ा।

पीआरवी प्रभारी ने तत्काल थाना प्रभारी को सूचना दी, जहां से प्रद्युम्न को थाने लाने का आदेश मिला। तहरीर के अनुसार, पुलिस जब प्रद्युम्न को साथ लाने लगी तो उसकी मां और बहनों ने हस्तक्षेप किया, गाली-गलौज की और कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की वर्दी पकड़कर बटन तक तोड़ दिए।

पुलिस टीम का आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए हाथापाई भी की। इसके बावजूद टीम ने महिलाओं का सम्मान ध्यान में रखते हुए बिना बल प्रयोग की रणनीति अपनाई और प्रद्युम्न को वाहन में बैठाकर थाने ले आए। थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि हेड कांस्टेबल की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वीडियो वायरल होने पर गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस कर्मियों से अभद्रता के बाद उनके खिलाफ प्रारंभिक धाराओं में कार्रवाई तो हो गई लेकिन मौके पर ठोस साक्ष्य न होने से आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि, 13 नवंबर को एक वीडियो सामने आया, जिसमें आरोपी पुलिस टीम से हाथापाई और गाली-गलौज करते दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि, वायरल वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो पेन ड्राइव में संलग्न करते हुए हेड कांस्टेबल ने मां-बेटे समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग की। वीडियो की पुष्टि के बाद पुलिस ने आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, अभद्रता समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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