गोरखपुर के पिपराइच इलाके में वैज्ञानिक की पत्नी की मौत मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले बेटे ने ही हत्या की थी। पिता की तहरीर पर बेटे पर गैर इरादतन हत्या का केस किया गया है।
वैज्ञानिक राममिलन की पत्नी आरती विश्वकर्मा (45) की मौत सिर में चोट लगने से हुई थी। उन्हें कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले बेटे ने धक्का दे दिया था। मंगलवार को पुलिस की पूछताछ में बेटे ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
उसने बताया कि मां स्कूल जाने का दबाव बना रही थी, वो मारने आईं तो उसने उन्हें धकेल दिया। फर्श पर गिरने पर उनका सिर फट गया और खून देखकर वह घर के दरवाजे पर ताला बंदकर स्कूल बैग टांग बाहर निकल गया। पिता राममिलन की तहरीर पर पिपराइच थाने में नाबालिग बेटे पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है।
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र चेन्नई में सहायक वैज्ञानिक पद पर कार्यरत राममिलन विश्वकर्मा मूलत: कुशीनगर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने शहर में पिपराइच क्षेत्र में अपना आवास बनवाया है।
यहां उनकी पत्नी अपने 17 साल के बेटे के साथ रहती थीं। तीन दिसंबर शाम के समय जब उन्होंने पत्नी और बेटे के मोबाइल पर कॉल किया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद वह काफी परेशान हो गए।
अगले दिन अपनी साली को घर भेजा। वह घर पहुंचीं तो ताला बंद मिला। घर से कुछ दूरी पर एक मंदिर पर बेटा बैठा मिला। राममिलन से बेटे की बात कराई। इसके बाद रविवार को राम मिलन घर आए। राम मिलन ने घर में प्रवेश किया तो किचन के पास फर्श पर उनकी पत्नी आरती का शव पड़ा मिला। शव पूरी तरह सड़ गया था।
एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पहले दिन ही बेटे पर शंका हुई थी। जांच पड़ताल और पूछताछ के बाद शक सही निकला। मंगलवार की रात उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने जुर्म कबूल लिया।