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लॉकडाउन में गोरखपुर के डीएम ने लोगों से की अपील, कहा- फीस जमा कराने का दबाव नहीं, मगर...

Thu, 16 Apr 2020 03:19 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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डीएम के. विजयेंद्र पांडियन। - फोटो : अमर उजाला
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फीस जमा कराने में दबाव नहीं, मगर जो सक्षम हैं, वे जरूर जमा कराएं। स्कूल संचालकों का मानना है कि वे किसी भी तरह से दबाव डालने के मूड में नहीं है, मगर सबने फीस जमा करने से हाथ खींच लिए तो शिक्षक, कर्मचारियों के वेतन भुगतान में दिक्कत आएगी।
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लॉकडाउन की वजह से शहर के स्कूल और कॉलेज मार्च से ही बंद चल रहे हैं। आजीविका के साधन बंद होने से अभिभावकों को परेशानी न हो, इसके लिए शासन ने स्कूल संचालकों को अप्रैल, मई और जून में फीस जमा कराने के लिए दबाव बनाने से मना किया। सरकार का भी स्पष्ट आदेश है कि किसी कर्मचारी को न तो नौकरी से निकाला जाए और न ही वेतन में कटौती की जाए।

स्कूल संचालक भी संकट की घड़ी में प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। अब शिक्षक, कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करना है तो चुनौती बढ़ गई है। इसी का नतीजा रहा कि स्कूल संचालकों ने सक्षम अभिभावकों से आगे आने की अपील की है।
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आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल के प्रबंध निदेशक अजय शाही ने कहा- जून तक किसी अभिभावक पर फीस जमा कराने के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। जो लोग सक्षम हैं, उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे संकट की इस घड़ी में स्कूल प्रबंधन की मदद के लिए आगे आएं। शिक्षक, कर्मचारियों को वेतन देना अनिवार्य है।

एबीसी पब्लिक स्कूल के निदेशक हेमंत मिश्र ने कहा- जो सक्षम हैं, उन्हें फीस दे देनी चाहिए। ज्यादातर स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। शिक्षक पढ़ा भी रहे हैं। शिक्षक, कर्मचारियों का वेतन भुगतान जरूरी है। ऐसे में सक्षम लोगों को आगे आना चाहिए, तभी व्यवस्था बनी रहेगी।

नवल्स ग्रुप के संजयन त्रिपाठी ने कहा- निदेशक स्कूल संचालन से मिलने वाली फीस से ही शिक्षक और कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है। मार्च का वेतन दिया गया है। आगे स्कूल कब खुलेंगे, इसकी तस्वीर साफ नहीं है। वेतन भुगतान से कोई भाग नहीं रहा है, मगर यह चुनौती है। जो सक्षम हैं, वे फीस जमा करा देंगे तो ठीक रहेगा।
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सेंट्रल एकेडमी के निदेशक सृंजय मिश्रा ने कहा- स्कूल में काम करने वाला हर सदस्य एक परिवार की तरह है। किसी के वेतन में कटौती नहीं की गई है, मगर अभी अप्रैल पूरा बचा है। मई में भी स्कूल नियमित खुलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन को स्कूल संचालकों की तरफ ध्यान देना चाहिए।

लिटिल फ्लावर स्कूल धर्मपुर के प्रधानाचार्य फादर जेमन ने कहा- किसी भी अभिभावक पर स्कूल फीस के लिए दबाव नहीं बनाया गया है। लगातार दो से तीन महीने बिना फीस के वेतन का भुगतान करने में परेशानी जरूर होगी। जो लोग फीस देने में समर्थ हैं, उनसे आगे आने की उम्मीद की जाती है।

जिलाधिकारी के .विजयेंद्र पांडियन ने कहा- स्कूल संचालकों की ओर से अभिभावकों पर फीस जमा कराने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। अगर, कोई सक्षम अभिभावक खुद फीस जमा कराना चाहता है तो कोई रोक नहीं है।
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