- बेलघाट के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की घिनौनी करतूत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बेलघाट थाना क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की घिनौनी करतूत की पीड़ित छात्राएं शुक्रवार को विद्यालय में पहुंचीं। कई दिनों बाद विद्यालय खुलने पर डरी सहमी पहुंचीं छात्राओं को पहले दिन गुड और बैड टच के बारे में बताया गया। साथ ही ऐसी घटनाओं को दबाने के बजाए तत्काल बताने की जानकारी दी गई।
परिजनों और पीड़ित छात्राओं से बातचीत में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने न सिर्फ आरोपी शिक्षक की घिनौनी मानसिकता को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि शुरुआती स्तर पर शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिए जाने का खामियाजा मासूम छात्राओं को भुगतना पड़ा।
परिजनों के अनुसार, आरोपी शिक्षक काफी समय से छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार कर रहा था। बच्चियां छोटी उम्र की होने के कारण डर और शर्म के चलते अपनी पीड़ा किसी से साझा नहीं कर पा रही थीं। जब एक छात्रा ने हिम्मत जुटाकर पूरी घटना को बताया, तब परिजनों को मामले का पता चला। इसके बाद अन्य छात्राओं से पूछताछ की गई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
घटना के पर्दाफाश के बाद शुक्रवार को जब स्कूल खुला तो छात्राएं डर के माहौल में विद्यालय पहुंचीं। कई बच्चियों के चेहरे पर भय साफ झलक रहा था। बातचीत में छात्राओं ने बताया कि वे स्कूल तो आ गई हैं, लेकिन मन में डर अब भी बैठा हुआ है। परिजनों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजते समय उन्हें खुद भी घबराहट थी, लेकिन पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए वे उन्हें समझा-बुझाकर स्कूल लेकर आए।
परिजनों को बुलाकर सुरक्षा, संवाद और सतर्कता को लेकर किया जागरुक
शिक्षकों ने पहले दिन छात्राओं को गुड और बैड टच के बारे में जानकारी दी। कक्षा में सरल भाषा में बच्चों को समझाया गया कि कौन सा व्यवहार गलत है और ऐसी स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि डरने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी देना जरूरी है। इस दौरान शिक्षकों के साथ परिजनों को भी बुलाकर बच्चों की सुरक्षा, संवाद और सतर्कता को लेकर जागरूक किया गया।
शुरुआती शिकायतों पर दिया गया होता ध्यान तो बच्चियां ने नहीं समाता डर
परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि शुरुआती शिकायतों पर समय रहते ध्यान दिया गया होता तो मामला इतना गंभीर नहीं बनता। उनका कहना है कि पुलिस और शिक्षा विभाग को ऐसे मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, अब पुलिस जांच की बात कह रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया जा रहा है।
वर्जन
आरोपी शिक्षक को जेल भिजवाया जा चुका है। जल्द ही साथी शिक्षकों और बच्चियों के भी बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश पुरी, एसपी साउथ