ब्लड की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को रक्तदान करना पड़ा। आठ मार्च को एक मरीज को छह यूनिट ब्लड की जरूरत थी, उसे डोनर नहीं मिल पा रहे थे।
इस पर मेडिकल कॉलेज के चार डॉक्टरों ने खुद ही ब्लड देकर मरीज की जान बचाई थी। रक्त देने वालों में डॉ. संतोष कुशवाहा, डॉ. अकील अहमद, डॉ. सुरेश सिंह, डॉ. सत्यवीर शर्मा शामिल थे।