राज्य ललित कला अकादमी व सुभसा स्कल्पटर्स फाउंडेशन की ओर से आयोजित हुई प्रतियोगिता
गोरखपुर विश्वविद्यालय सीनियर और दयानंद इंटर कॉलेज जूनियर वर्ग में बनी विजेता
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। राप्ती नदी के तट पर कलाकारों ने मंगलवार को रेत शिल्प से बेटी बचाओ का संदेश दिया। इस दौरान कलाकारों ने मदर अर्थ, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और ज्योतिर्लिंग की आकृति उकेरकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राप्ती नदी के तट पर राज्य ललित कला अकादमी व सुभसा स्कल्पटर्स फाउंडेशन ने 14वीं राज्यस्तरीय रेत शिल्प प्रतियोगिता का आयोजन मंगलवार को किया था। प्रतियोगिता में 24 टीमों के 350 कलाकारों ने प्रतिभाग किया। इसमें सीनियर वर्ग व जूनियर वर्ग की 12-12 टीमें शामिल हुईं। सीनियर वर्ग में पहला व दूसरा स्थान दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, तीसरा स्थान छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर को मिला।
वहीं सांत्वना पुरस्कार छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, चंद्रकांति रमावती आर्य महिला कॉलेज, लखनऊ आर्ट्स कॉलेज को दिया गया। जूनियर वर्ग में पहला स्थान दयानंद इंटर कॉलेज गोरखपुर, दूसरा सेंट एंड्रयूज कॉलेज गोरखपुर और तीसरा पुरस्कार मुरारी इंटर कॉलेज सहजनवां को मिला। सांत्वना पुरस्कार लक्ष्मी प्रसाद मेमोरियल स्कूल, केंद्रीय विद्यालय गोरखपुर, गायत्री विद्यापीठ कन्या इंटर कॉलेज और महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज को दिया गया।
प्रतियोगिता का उद्धाटन मुख्य अतिथि मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने किया। समापन समारोह में भी उन्होंने विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता ने नवांकुर युवा कलाकारों को एक मंच दिया है। विशिष्ट अतिथि राजकीय बौद्ध संग्रहालय के उप निदेशक यशवंत सिंह राठौर ने आयोजन के लिए आयोजक मंडल को बधाई दी।
ललित कला व संगीत विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. भारत भूषण ने आयोजन की सराहना की। कार्यकम के आयोजक व सुभसा स्कल्पटर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष भाष्कर विश्वकर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। संचालन रीना जायसवाल ने किया। इस अवसर पर अखिलेश निषाद, डॉ. रेखा रानी शर्मा, डॉ. विवेक चौधरी, डॉ. संदीप श्रीवास्तव, बृजेश यादव आदि मौजूद रहे।