- सरयू साहित्य मंच की ओर से गोला कस्बे में कवि सम्मेलन का आयोजन
- हास्य व्यंग्य कवि डॉ. दिनेश मिश्र बावरा व शशि श्रेया ने बाधा समां
गोला/जानीपुर। गोला उपनगर के बेवरी चौराहा स्थित एक हाॅल में शनिवार की देर रात्रि सरयू साहित्य मंच के तत्वावधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरा का आयोजन किया गया। हास्य व्यंग्य कवि डॉ. दिनेश मिश्र बावरा ने कहा कि धरती की कोख में पानी रहेगा तो आदमी बचेगा और आदमी की आंख में पानी रहेगा तो आदमियत बचेगी।
इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम में सामाजिक सरोकारों, राष्ट्रप्रेम और मानवीय मूल्यों पर आधारित कविताओं ने खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री शशि श्रेया की सरस्वती वंदना से हुई। मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध कवि दिनेश बावरा ने अपनी रचनाओं व आलोचनाओं से लोगों को गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि बुंदी का लड्डू रोज कहता है कि छोटे प्रयास से बड़ा बना जा सकता है, जलेबी कहती है कि स्वरूप मायने नहीं रखता यदि भीतर रस है। उन्होंने काव्य के माध्यम से पानी की महत्ता व पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता का संदेश दिया।
कवि सम्मेलन में प्रमुख रूप से प्रेमनाथ मिश्र, अज्म शकिरी, फैज खलीलाबादी, विनोद राजयोगी, मनोज मौर्य, कौशल नादान और रमेश तिवारी सहित कई कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया। अध्यक्षता डाॅ. अनिल तिवारी ने की। इस अवसर पर प्रवीण तिवारी, फूलचंद तिवारी, आरपी यादव, महीप श्रीवास्तव, प्रणव द्विवेदी, योगेंद्र नाथ सिंह, अजय शुक्ल, रत्ना सिंह, प्रभात तिवारी और विराट मिश्र आदि लोग उपस्थित रहे।