गोरखपुर। जिले में बहने वाली प्रमुख नदियों में सरयू को छोड़ सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। सरयू नदी अयोध्या में खतरे के निशान से नीचे है लेकिन बरहज में खतरे के निशान से 65 सेमी ऊपर बह रही है। नेपाल में भारी बारिश की वजह से कुशीनगर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गोरखपुर से कुशीनगर के लिए एनडीआरएफ की एक टीम भेजी गई है। इसके अलावा 150 राशन किट डिमांड पर भेजा गया है।
आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में बहने वाली राप्ती, रोहिन, गोर्रा खतरे के निशान से लगभग तीन मीटर नीचे बह रही है लेकिन सरयू नदी बरहज में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सिंचाई विभाग के मुताबिक बरहज के आगे सरयू बलिया में गंगा नदी में मिलती है। बरहज का एरिया लो लैंड है। गंगा में पानी अधिक होने पर इसका पानी गंगा में नहीं जा पाता है। इस लिए यहां जलस्तर देर से कम होता है।
आपदा कार्यालय के गौतम के अनुसार 480 राशन किट खजनी तहसील के जंगल नरगडला सिंह गांव में भेजा गया है जबकि गोला तहसील के बड़हलगंज ब्लाॅक के बाढ़ प्रभावित गांवों में 117 राशन किट वितरित किया गया है। गांवों में सफाई कर्मियों की टीम जाकर दवाओं का छिड़काव कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित गांवों का दौरा लगातार कर रही है। कुशीनगर में गंडक नदी में बाढ़ आने पर सरयू के जलस्तर के बढ़ने का खतरा बरहज में बढ़ जाएगा। इससे दोबारा गांव प्रभावित हो सकते हैं।