विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों अथवा राजनीतिक दलों की तरफ से मतदाताओं में साड़ी, बर्तन न बांटे जा सके, इसके लिए अभी से निगरानी शुरू कर दी गई है। सेंट्रल जीएसटी की टीम गोरखपुर-बस्ती मंडल के बड़े व्यापारियों का स्टॉक सत्यापित करने में जुटी है। अगर चुनाव के दौरान कहीं से शिकायत मिली तो कार्रवाई व्यापारियों पर भी होगी।
चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की तरफ से तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। जगह-जगह किसी न किसी कार्यक्रम के बहाने से मतदाताओं में साड़ी बांटने के मामले सामने आते हैं।
निर्वाचन आयोग ने ऐसे मामलों पर शुरू से ही नजर रखने के लिए टैक्स विभाग को सक्रिय किया है। आयकर विभाग चुनाव में चंदा देने वालों पर नजर गड़ाए हुए है। वहीं, सेंट्रल जीएसटी की टीम भी कपड़ा और बर्तन कारोबार से जुड़े बड़े कारोबारियों की जानकारी जुटा रही है।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर गोरखपुर-बस्ती मंडल के कई बड़े कारोबारियों की जांच की जा चुकी है। इन व्यापारियों को हिदायत दी गई है कि एकमुश्त बड़ी मात्रा में साड़ी खरीदने वालों की सूचना सेंट्रल जीएसटी को जरूर दें। अगर स्टॉक में गड़बड़ी पाई जाती है तो ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई भी की जाएगी।
आठ दुकानों की हो चुकी है जांच
सेंट्रल जीएसटी की टीम ने पिछले दिनों गोरखपुर शहर की छह दुकानों की जांच की थी। शनिवार को संतकबीरनगर जिले की दो दुकानों की भी जांच की गई थी। सोमवार से मंडल के कई बड़े कारोबारियों के स्टाफ का सत्यापन किया जाएगा।