पोखरे और ताल में डूबने से पांच की मौत हो गई थी
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बच्चों को पुलिया एवं ऊंचे टीलों से पानी में कूद कर स्नान करने से रोकें। अति आवश्यक हो तो ही पानी में उतरें एवं गहराई का ध्यान रखें। ओवरलोडेड नौकाओं में न बैठें। कोशिश करें कि किसी नदी, पोखर, तालाब या जल स्रोत में सामूहिक रूप से स्नान करने जाते समय अपने साथ 10-15 मीटर लंबी रस्सी या धोती, साड़ी अवश्य रखें।
नदियों, नहरों, जलाशयों या अन्य जल स्रोतों के पास लिखी हुई चेतावनी की अवहेलना न करें।
घटना सुनते ही जिला अस्पताल पहुंचे थे डीएम और एसपी
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उन्होंने कहाकि जल स्रोतों में डूबने के कारण मृत्यु होने पर चार लाख रूपये देने का प्राविधान है, जिसके लिए (पोस्टमार्टम एवं पंचनामा अनिवार्य), शारीरिक दिव्यांग होने पर 74 हजार से दो लाख 50 हजार, मकान की क्षति होने पर चार हजार से एक लाख 20 हजार, पशु की मृत्यु होने पर चार हजार से 37 हजार 500 तथा फसल की क्षति होने पर आठ हजार 500 से 22 हजार 500 रूपये आपदा पीड़ित को देने का प्राविधान किया गया है।
संतकबीरनगर जिले के बखिरा और दुधारा क्षेत्र में मंगलवार को पांच लड़कियों की पोखरे और झील में डूबने से मौत हो गई। बखिरा झील में नहाने गईं बड़गों गांव की चार लड़कियों में तीन की मौत हो गई जबकि एक को मेंहदावल सीएचसी में भर्ती कराया गया है। वहीं, धान की रोपाई करने गईं दुधारा थानाक्षेत्र के खटियावां गांव की दो सगी बहनें पैर फिसल जाने से पोखरे में डूब गईं जिससे उनकी मौत हो गई।
बखिरा थानाक्षेत्र के बड़गो गांव की रहने वाली पायल (12) पुत्री दिलीप, मीनाक्षी (15) पुत्री मकसूदन निषाद, अर्चना (17) पुत्री रामनेवास और काजल (14) पुत्री रमेश मंगलवार की शाम करीब चार बजे बखिरा झील में नहाने गईं थीं। गहरे पानी में चले जाने से चारों डूबने लगीं।
लड़कियों के चिल्लाने की आवाज सुनकर थोड़ी दूरी पर स्थित मंदिर पर मौजूद ग्रामीण भागकर झील की तरफ पहुंचे। ग्रामीणों के पहुंचने तक एक लड़की बचाने की गुहार लगा रही थी। चारों को झील से निकालकर सीएचसी मेंहदावल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मीनाक्षी, पायल और अर्चना को मृत घोषित कर दिया जबकि काजल को भर्ती कराया गया है।