एकदंत संकष्टी चतुर्थी का त्योहार आज मनाया जा रहा है। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान गणेश आराधना कर रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने से व्यक्ति के सभी कष्ट और पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन पूजा करने पर भगवान गणेश की कृपा से मनुष्य को जीवन में धन, सुख और समृद्धि प्राप्त होती है। निसंतान को संतान की प्राप्ति होती है।
श्रद्धालुओं ने सुबह जल्दी उठकर स्नान किया और लाल रंग के वस्त्र धारण किया। विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा अर्चना की। पंडित अवधेश मिश्रा ने बताया कि शाम के समय व्रती भगवान गणेश की प्रति के समक्ष धूप-दीप प्रज्जवलित करें और ओम गणेशाय नमः या ओ गं गणपते नमः का जाप करें। गणपति को रोली लगाएं और जल अर्पित करें।
पूजा के बाद भगवान गणेश को तिल के लड्डू और मोदक का भोग लगाएं। व्रत कथा पढ़कर चांद के दर्शन कर अपना व्रत खोलें। अपना व्रत पूरा करने के पश्चात जरुरतमंदों को दान अवश्य दें।