बिजली कर्मियों की हड़ताल। (फाइल फोटो)
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बिजली कर्मियों की हड़ताल से हुए नुकसान की वसूली अभियंताओं से करने का निर्देश दिया गया है। इसके अनुपालन में जोन के 2,300 अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों व संविदा कार्मिकों के मार्च का वेतन रोक दिया जाएगा। इस सूचना पर सभी संवर्ग के कार्मिकों में हड़कंप मचा है।
बुधवार को मुख्य अभियंता कार्यालय में इसकी सूची तैयार कर पावर कारपोरेशन के एमडी को भेज दी गई। इस सूची में उन अभियंताओं व कर्मचारियों के नाम हैं, जिन्होंने कार्य का बहिष्कार कर सीई दफ्तर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था।
16 से 19 मार्च तक की इस हड़ताल के दौरान गोरखपुर जोन के ग्रामीण परिक्षेत्र के 250 फीडर से जुड़े गांवों व कस्बों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा व पावर कारपोरेशन चेयरमैन एम देवराज के साथ बातचीत के बाद बिजली कर्मचारी नेताओं ने पूर्व घोषित 72 घंटे की हड़ताल के एक दिन पहले ही हड़ताल खत्म कर दी।
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हड़ताल के दौरान भी गैरहाजिर कार्मिकों की सूचना भेजी गई थी। उस समय सिर्फ संख्या भेजी गई। अब कारपोरेशन ने कार्मिकों के नाम व सैप आईडी भी मांगी है। ताकि ईआरपी पोर्टल पर गैरहाजिरी का उल्लेख करते हुए वेतन की कटौती की जाए।
ये है हड़ताली कार्मिकों की संख्या
| संवर्ग |
संख्या |
| अभियंता |
250 |
| तकनीकी संवर्ग |
600 |
| संविदा कार्मिक |
1500 |
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि प्रबंधन की तरफ से जो सूचना मांगी गई थी, उसे भेजी गई है। इसमें कर्मचारियों के नाम पदनाम, सैप आईडी व अन्य विवरण का उल्लेख है। पहले चरण में नियमित कार्मिकों के मार्च के वेतन से कटौती होगी।