सपने से सफलता तक का सफर
महिला उद्यमी संगीता पांडेय की कहानी हौसले और मेहनत की मिसाल है। उन्होंने वर्ष 2013 में महज 1500 रुपये से अपने सफर की शुरुआत की। नौकरी छोड़ने के बाद एक मिठाई की दुकान पर डिब्बे देखकर उनके मन में खुद यह काम शुरू करने का विचार आया, ताकि घर से काम करते हुए बच्चे की देखभाल भी कर सकें। संगीता रोज सुबह करीब ग्यारह बजे सुबह से शाम सात बजे तक साइकिल से बाजारों में घूमकर कच्चा माल और मार्केटिंग के तरीके तलाशती रहीं। इसी दौरान उन्होंने गोरखपुर के एक बड़े संस्थान में काम मिला, जहां से उन्हें अनुभव मिला और काम धीरे-धीरे बढ़ता गया। आज उनका कारोबार सालाना पांच से सात करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। संगीता का लक्ष्य अब अधिक से अधिक बेरोजगार महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से गोरखपुर के विकास को लगे पंख
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण ने गोरखपुर के विकास को नई गति दी है। पहले जहां व्यापारियों को सामान भेजने और ट्रांसपोर्टेशन में काफी समय और लागत लगती थी, अब यह काम कम समय में आसानी से पूरा हो रहा है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण गोरखपुर की पहुंच प्रदेश के अन्य शहरों और बड़े बाजारों तक तेज और सुगम हो गई है। इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी बढ़े हैं। कुल मिलाकर, एक्सप्रेस-वे ने पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को मजबूत कर क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी है।