गोरखपुर। सॉस और चटनी खा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। अब सॉस, चटनी, जैम और जेली जैसे खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल सामने आने लगा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में लाल डिग्गी स्थित साईं चटनी प्रोडक्ट संदेह के घेरे में आ गया। सूचना मिलने पर टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा लेकिन संचालक मौके से फरार हो गया। काफी इंतजार के बाद भी उसके नहीं पहुंचने पर विभाग ने प्रतिष्ठान को सील कर दिया। विभाग को आशंका है कि यहां सॉस और चटनी में घटिया सामग्री मिलाई जा रही थी।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर दो दिन तक चले विशेष अभियान में सॉस, चटनी, जैम और जेली बनाने व बेचने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की गई। राप्तीनगर स्थित ब्लिंकिट स्टोर प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस एक्सपायर्ड मिला। इनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस प्रतिष्ठान से चार नमूने लिए गए।
सहजनवा से सॉस का एक नमूना, गौरव फूड भंडार से सॉस और मेयोनीज़ के दो नमूने तथा ओम फूड प्रोडक्ट्स से मिश्रित अचार का एक नमूना लिया गया। सभी आठ नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार ऐसे उत्पादों में मुनाफे के लिए सड़े-गले टमाटर, कद्दू या पपीते का गूदा मिलाने, रंग चमकाने के लिए अखाद्य रंग, गाढ़ापन बढ़ाने के लिए सस्ते स्टार्च और कृत्रिम गाढ़े पदार्थ मिलाने की आशंका रहती है। ऐसे खाद्य पदार्थ लोगों का सेहत खराब कर देते है।
बोले विशेषज्ञ
मिलावटी सॉस, चटनी, जैम और जेली का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इनमें अखाद्य रंग, घटिया सामग्री या अधिक मात्रा में रासायनिक परिरक्षक होने पर पेट संबंधी परेशानी, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। लोगों को केवल भरोसेमंद स्थान से ही खाद्य पदार्थ खरीदने चाहिए।
डॉ. बीके सुमन, फिजिशियन, जिला अस्पताल
बोले अधिकारीडीएम के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है । सभी नमूनों की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुधीर कुमार सिंह,
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा