ईएमटी विश्वनाथ प्रताप सिंह के साथ बच्चा।
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गोरखपुर जिले के सोमवार की देर रात गोरखनाथ पुल के पास 102 नंबर एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया है। कॉल करने के 15 मिनट के अंदर 102 नंबर एंबुलेंस सेवा पहुंच गई। लेकिन जब रास्ते में प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी तो एंबुलेंस में प्रसव ही कराना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक अंधियारीबाग निवासी रामकिशुन की पत्नी कुसुम (26) को सोमवार की देर रात प्रसव पीड़ा हुई तो 12.42 बजे एंबुलेंस को परिजनों ने कॉल किया। कॉल करने के अंदर 102 नंबर एंबुलेंस पॉयलट आशीष सिंह और इमर्जेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) विश्वनाथ प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे गए।
इस बीच कुछ ही दूर चलने पर कुसुम की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। कुसुम के पति रामकिशुन ने बताया कि एंबुलेंस रोक कर एंबुलेंसकर्मियों की मदद से गोरखनाथ पुल के पास प्रसव कराया गया और फिर जच्चा-बच्चा को जिला महिला अस्पताल पहुंचाया गया।
इस बीच आशा कार्यकर्ता शांति भी मदद के लिए मौजूद रहीं। एंबुलेंस सेवा का संचालन कर रही जीवीके फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर अजय उपाध्याय ने बताया कि गाड़ी में प्रसव कराने और अन्य मेडिकल जटिलताओं के संबंध में एंबुलेंसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।