साधना सिंह व सपा द्वारा घोषित प्रत्याशी आलोक गुप्ता।
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उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद गोरखपुर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा व समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों से लेकर कार्यकर्ताओं में उन नामों की चर्चा फिर से शुरू हो गई, जिन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव परिणाम आने के बाद मजबूती से अपनी दावेदारी पेश की थी। माना जा रहा है कि भाजपा गोरखपुर में पूर्व मुख्यमंत्री बीर बहादुर सिंह की बहू और पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह की पत्नी साधना सिंह पर दांव लगा सकती है। इससे पहले साधना सिंह 2010 से 2015 के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाल चुकी हैं। इस समय निर्दल जिला पंचायत सदस्य हैं।
उधर, समाजवादी पार्टी ने भी इस पद को कब्जाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पार्टी ने आलोक कुमार गुप्ता को गोरखपुर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सहमति पर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने आलोक को प्रत्याशी बनाने की घोषणा की है।
जल्द ही सभी राजनीतिक दल अध्यक्ष पद के अधिकृत प्रत्याशियों के नाम का एलान करेंगे, फिर चुनावी सरगर्मी तेज होगी। गोरखपुर में 68 वार्डों से जिला पंचायत सदस्य चुनाव जीतकर आए हैं। इसमें से 35 जिला पंचायत सदस्य जिन्हें अपना मत देंगे, वही जिला पंचायत अध्यक्ष होगा।
भाजपा, रणनीति तैयार, घोषणा का इंतजार
गोरखपुर-बस्ती और आजमगढ़ मंडल के 10 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भाजपा दमदारी से लड़ेगी। इसका खाका जिला स्तरीय कोर कमेटी ने तैयार कर लिया है। अगले दो दिन में प्रत्याशियों के नाम का एलान किया जाएगा। क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को विजयी बनाने का काम किया जाएगा। सभी सांसद, विधायक व प्रभारी मंत्री जिला पंचायत सदस्यों के संपर्क में हैं। गोरखपुर क्षेत्र के दस जिलों में अध्यक्ष भाजपा का हो, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। टिकट तय होते ही अगली रणनीति पर काम किया जाएगा।
बरकरार रह सकता है महिला जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड
अगर साधना जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं तो एक रिकॉर्ड फिर नहीं टूटेगा। दरअसल, जिला पंचायत गठन के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी महिलाओं के पास ही रही है। एक बार भी पुरुष जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बना है। पहले शोभा साहनी, फिर सुभावती पासवान ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। इसके बाद चिंता यादव, साधना सिंह और गीतांजलि यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बन गईं। इस बार भी साधना सिंह की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। अगर अध्यक्ष बनीं तो महिलाओं के अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बरकरार रहेगा।