- जिस समय सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, देश में कांग्रेस की सरकार
- गोरखपुर में एक कार्यक्रम में मीडिया से बात कर थे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री
गोरखपुर। देश के कुछ राजनेताओं और मुस्लिम नेताओं ने मिलकर वक्फ की संपत्तियों को लूट लिया। जिस समय सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, देश में कांग्रेस की सरकार थी। सच्चर कमेटी ने कहा कि इन संपत्तियों पर से अतिक्रमण हटाया जाए। एक कॉरपोरेशन बनाया जाए और इसका आधुनिक तरीके से विकास कराया जाए तो गरीब मुसलमान के साथ विधवा महिला, समाज के अन्य वर्गों को भी बड़ा लाभ होगा। लेकिन कांग्रेस की उस सरकार ने रिपोर्ट को लागू नहीं होने दिया। अब भाजपा की सरकार उस रिपोर्ट को लागू करा रही है, जिससे कि गरीब मुसलमानों की आर्थिक हालत भी सुधरे।
ये बातें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने मंगलवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में जब सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई तो उसमें यह बताया गया कि देश में वक्फ की कुछ चार लाख 50 हजार संपत्तियां है, जिनका एरिया छह लाख हेक्टेयर है। इनसे प्रतिवर्ष 12 हजार करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती है। लेकिन, मात्र 163 करोड़ रुपये की ही आय होती है। सच्चर कमेटी ने यह प्रश्न खड़ा किया कि इतनी कम आमदनी क्यों। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में ही इस बात का भी खुलासा किया और कहा कि मुतवल्लियों की ओ रसे इन संपत्तियों को मैनेजर और मालिक बनके न सिर्फ उपयोग किया जाता रहा, बल्कि अपने परिवार के नाम से इन्हें बेच दिया गया। कागजों में उन्हें चढ़ा दिया गया और औने- पौने दाम पर इसे किराए पर दिया गया।
मौजूदा दौर में वक्फ की जो संपत्तियां हैं वह चार लाख से बढ़कर आठ लाख 72 हजार हो गई हैं और उनका एरिया 37 लाख 94 हजार हेक्टेयर हो चुका है, जिससे 166 करोड़ की आय हो रही है। इसलिए मोदी सरकार ने इस कानून को लाने का निर्णय लिया, जिससे इसके संसाधनों पर पहला अधिकार देश के सभी गरीबों का होगा। राधामोहन ने कहा कि पीएम ने तय किया है कि सच्चर कमेटी के सिफारिश के के हिसाब से संपत्तियों पर से अतिक्रमण हटाया जाएगा। वहां अस्पताल, स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे। संपत्तियों का सही इस्तेमाल हुआ तो गरीब मुसलमान ही नहीं समाज का अन्य वर्ग भी से लाभान्वित होगा।
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ममता को केवल वोट की चिंता
राष्ट्रीय महासचिव ने वक्फ मामले को लेकर पश्चिम बंगाल में चल रहे विरोध पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ममता को 30 प्रतिशत मुसलमानों के वोट की चिंता है। वह वक्फ अधिनियम के बहाने मुस्लिम वोटों को हासिल करने की कोशिश कर रहीं हैं। उन्होंने न्यायपालिका में भी भरोसा जताया और कहा कि यहां से भी निर्णय वक्फ कानून को मान्यता देने का ही आएगा।