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गोरखपुर में बोले ग्राम्य विकास मंत्री, 'मिशन मोड में काम करें अधिकारी'

Wed, 10 Feb 2021 09:08 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

  • गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ और देवीपाटन मंडल की विभागीय योजनाओं की समीक्षा की
  • महिला समूहों को 2.07 करोड़ के डेमो चेक दिए, पांच महिलाओं को सामुदायिक शौचालयों की चाबी सौंपी
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राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रदेश के ग्राम्य विकास एवं समग्र विकास राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश दोनों सरकारों का वर्ष 2022 तक सभी बेघरों को घर देने का लक्ष्य है। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी संवेदनशील होकर मिशन मोड में पूरी पारदर्शिता के साथ सभी पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम करें।

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ग्राम्य विकास मंत्री बुधवार को एनेक्सी सभागार में गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ और देवीपाटन मंडल की विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल के तहत 2 करोड़ 7 लाख तथा संकुल स्तरीय संघ को इंफ्रास्ट्रक्चर/प्रशिक्षण के लिए 40 लाख रुपये का डेमो चेक सौंपा। साथ ही सामुदायिक शौचालय के संचालन के लिए भी पांच महिलाओं को प्रतीक के तौर पर चाबी सौंपी। मंत्री ने मंडलवार ग्राम्य विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा के साथ ही कोरोना काल में विभाग द्वारा बड़ी संख्या में प्रवासियों को रोजगार प्रदान करने के काम की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग पूरी तरह ग्रामीण सेवा के लिए है। भारत गांवों का देश है। गावों को समृद्ध बनाना और वहां के निवासियों को जीविकोपार्जन के अवसर प्रदान करना हम सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोकहितकारी सरकार का उद्देश्य, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है। शासकीय योजनाएं गरीबों के हित में ही संचालित की जाती है।
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ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन समूह की महिलाओं के आर्थिक उत्थान का बड़ा माध्यम है। यह समाज में परिवर्तन लाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन समूहों को और सशक्त करने के लिए उत्पादन, गुणवत्ता एवं विपणन की व्यवस्था की जाए। बैठक में चारों मंडल के सीडीओ, पीडी, डीडीओ और बीडीओ आदि आधिकारी मौजूद रहे।



 

पांच साल तक सड़क की मरम्मत न कराने वाले ठेकेदारों पर हो कार्रवाई

बैठक के दौरान ग्राम्य विकास मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) के तहत निर्मित सड़कों की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि इस योजना तहत निर्मित सड़कों की मरम्मत पांच साल तक ठेकेदार को करानी है। यदि ठेकेदार द्वारा मरम्मत कार्य में लापरवाही या अनदेखी की जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

आवासों की पात्रता सूची में गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई: के. रविंद्र नायक
गोरखपुर। समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त ग्राम्य विकास के. रविंद्र नायक ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत सभी पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराए जाएं और अधूरे आवासों को प्रमुखता के आधार पर पूरा कराते हुए उनकी जियो टैगिंग कराई जाए।  उन्होंने यह भी कहा कि यदि निर्माण कार्यों में भूमि या कोई अन्य समस्या आती है तो उसे शासन के संज्ञान में लाया जाए। ताकि उसका त्वरित निराकरण कराया जा सके।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत छूटे हुए पात्र लाभार्थियों को संतृप्त किया जाता है। कहा कि जिस जनपद में लक्ष्य सरेंडर करने की आवश्यकता पड़ रही हो तो उससे पहले एक बार फिर से लाभार्थियों का सत्यापन जरूर कराया जाए ताकि कोई पात्र लाभार्थी, योजना से वंचित न रह जाए।

 
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मनरेगा में धन की कमी नहीं, खूब कराएं काम: योगेश कुमार

अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार ने कहा कि मनरेगा सरकार की अति महत्वाकांक्षी एवं रोजगार परक योजना है। इसके तहत अधिक से अधिक कार्य कराए जाएं। धन की कमी कभी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए दूरदर्शिता की आवश्यकता है। कहा कि मनरेगा का सोशल ऑडिट जरूरी है। पौधरोपण के लिए वरीयता के आधार पर सर्वे कराते हुए मस्टररोल तैयार करें। वनटांगिया एवं मुसहर गांव में 100 दिन का कार्य अवश्य प्रदान किया जाए।

प्रदेश में महिला समूहों को 1215 कोटे की दुकानें आवंटित: सुजीत कुमार
एमडी एनआरएलएम सुजीत कुमार ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 22 हजार स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। अब तक 1215 कोटे की दुकानें, महिला समूहों को आवंटित की गईं हैं। अभी 915 दुकानें और आवंटित की जानी हैं। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि वे ग्राम सभा की बैठक कर रिक्त दुकानों को स्वंय सहायता समूह की महिलाओं को आवंटित करें।

बताया कि समूह की महिलाओं द्वारा विद्युत बिल कलेक्शन एवं मीटर रीडिंग, स्कूल ड्रेस का कार्य भी किया जा रहा है। समूहों द्वारा एक करोड़ 10 लाख स्कूल ड्रेस तैयार की गईं हैं जिसके पारिश्रमिक का भुगतान बीएसए प्रमुखता के आधार पर करें। इसके अलावा 10 हजार से ऊपर सामुदायिक शौचालय के संचालन का दायित्व भी समूहों को दिया जा चुका है।
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