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Gorakhpur News: रुद्रांश ने नगर निगम में दर्ज करा लिया था नाम...पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड

Tue, 13 Feb 2024 07:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

गोरखनाथ के राजेंद्रनगर कॉलोनी निवासी शशिभूषण ने केस दर्ज कराया है। पुलिस को दी तहरीर में शशिभूषण ने लिखा है कि उनकी आराजी नंबर- 348 स्थित मौजा जंगल नकहा नंबर एक में जमीन है। पता चला है कि रुद्रांश व अन्य ने धोखाधड़ी कर अन्य व्यक्ति को खड़ा कर उनकी जमीन का फर्जी ढंग से किसी व्यक्ति को बैनामा कर दिया है।
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गोरखपुर नगर निगम। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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 बैंकों से करोड़ों की जालसाजी करने वाले रुद्रांश की नगर निगम में भी गहरी पैठ है। चिलुआताल में जिस जमीन को अपना बताकर रुद्रांश ने फर्म का पंजीकरण करवाया और फर्जी तरीके से ऋण लिया था, उस जमीन को भी उसने नगर निगम में अपने नाम पर दर्ज करा ली है। जमीन मालिक पीड़ित शशिभूषण की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की, तो यह तथ्य सामने आया है।

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पुलिस नगर निगम से संपर्क कर दस्तावेज हासिल कर रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर कैसे जालसाज रुद्रांश ने दूसरे की जमीन पर नगर निगम में अपना नाम दर्ज कराकर हाउस टैक्स जमा करता था। पुलिस की अब तक की जांच में यह सामने आया है कि रुद्रांश जालसाजी में इतना माहिर है कि उसे ऋण के लिए जिस भी कागज की आवश्यकता होती थी, उसे फर्जी तरीके से बनवा लेता था।

जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ के राजेंद्रनगर कॉलोनी निवासी शशिभूषण ने केस दर्ज कराया है। पुलिस को दी तहरीर में शशिभूषण ने लिखा है कि उनकी आराजी नंबर- 348 स्थित मौजा जंगल नकहा नंबर एक में जमीन है। पता चला है कि रुद्रांश व अन्य ने धोखाधड़ी कर अन्य व्यक्ति को खड़ा कर उनकी जमीन का फर्जी ढंग से किसी व्यक्ति को बैनामा कर दिया है।
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जमीन बेचने में पता और पिता का नाम गलत दर्शाया गया है। इस केस की जांच करने के दौरान पुलिस को नगर निगम में नाम दर्ज कराने की जानकारी मिली है। हालांकि, पुलिस को अभी नगर निगम के उस बिल की पर्ची नहीं मिली है। यही वजह है कि पुलिस ने नगर निगम और बैंक दोनों से संपर्क किया है। क्योंकि, रुद्रांश ने ऋण लेने में नगर निगम के हाउस टैक्स रसीद का इस्तेमाल किया है।

 

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ऋण दिलाने में तीन बैंक कर्मियों की भूमिका संदिग्ध
करोड़ों का फर्जी तरीके से ऋण लेने के मामले में जांच कर रही शाहपुर पुलिस को अब तक बैंक की ओर से पूरी जानकारी तो नहीं दी गई है, लेकिन किस-किस टेबल से होकर ऋण की फाइल गुजरी है, इसकी जानकारी दे दी है। इसके बाद से पुलिस जांच में सामने आए तीन संदिग्ध कर्मचारियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने में लगी है। खबर है कि पुलिस के हाथ कई सुराग लगे हैं, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

यह हुआ था
बांसगांव निवासी रुद्रांश पांडेय ने फर्जी दस्तावेज पर आईसीआईसीआई बैंक से 4.45 करोड़ रुपये का ऋण लिया है। तीन माह के बाद किस्त जमा न होने पर बैंक के अधिकारियों ने खोजबीन शुरू की, तो पता चला कि फर्जी दस्तावेज पर रुद्रांश ने अपनी मां अर्चना व रियाज के नाम पर लोन कराया है। इसके बाद बैंक की ओर से आरोपी रुद्रांश पर केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को जेल भेजा और मामले की जांच कर रही है।

पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है। साक्ष्यों व तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। जो भी लोग गिरोह में शामिल है, सब पर पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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