यह हुआ था
10 जनवरी को हुमायूंपुर दक्षिणी, दुर्गाबाड़ी रोड निवासी राजेश मोहन ने फर्जी स्टांप संबंधी शिकायत की थी। उनका कहना था कि सहायक महानिरीक्षक निबंधन, गोरखपुर के कार्यालय में 28 फरवरी 2023 को ऑनलाइन आवेदन द्वारा भारतीय कोर्ट फीस 53 हजार का स्टांप रिफंड के लिए आवेदन किया था।
अधिवक्ता की मदद से आवेदन करने पर पता चला कि स्टांप ही फर्जी है। महज तीन हजार का स्टांप सही पाया गया, बाकी 50 हजार का फर्जी था। डीएम के आदेश पर नासिक भी पत्र भेजकर इसके फर्जी होने की पुष्टि करा ली गई। इसके बाद ही पुलिस केस दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि एएसपी अंशिका वर्मा की देखरेख में एसआईटी पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस जांच व साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। जो भी लोग इस गिरोह में शामिल हैं, पुलिस साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर कार्रवाई करेगी।