आरटीआई एक्टिविस्ट उमेश चंद प्रसाद ने जिला कार्यक्रम अधिकारी पर नियमों को ताक पर रखकर कर्मचारियों को एक परियोजना से दूसरी परियोजना में ट्रांसफर व संबद्ध करने समेत गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शपथपत्र के साथ प्रार्थनापत्र देकर मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की है।
मुख्यमंत्री को शपथ पत्र के साथ दिए गए प्रार्थनापत्र में उमेश चंद प्रसाद ने कहा है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह जनपद में तैनात कर्मियों को एक परियोजना से दूसरी परियोजना में स्थानांतरित करते हैं। स्थानांतरण पर रोक की अवधि में भी एक स्थान से दूसरे पर कर्मचारियों को संबद्ध किया। आरोप लगाया कि धन उगाही कर कर्मियों का संबद्धीकरण समाप्त कर अन्यत्र संबद्ध कर दिया जा रहा है।
सीएम को दिए प्रार्थनापत्र में उमेश ने कहा है कि निदेशक बाल विकास का स्पष्ट निर्देश है कि कर्मचारियों को मूल तैनाती स्थान से अन्यत्र तैनात करने से पूर्व औचित्यपूर्ण विवरण निदेशक बाल विकास को भेज कर उनकी अनुमति प्राप्त करने के बाद ही स्थानांतरण किया जा सकता है। लेकिन, जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह वह सभी काम कर रहे हैं जो नियम विरुद्ध है।
उमेश के मुताबिक राहुल गुप्ता, अर्चना श्रीवास्तव मुख्य सेविका, रश्मि सिंह मुख्य सेविका, रजनीश चंद, वीरेंद्र गुप्ता प्रधान सहायक, सौरभ मिश्रा, विजय प्रकाश शुक्ला, संतोष श्रीवास्तव, रामहित यादव, रत्नेश कुमार, उर्मिला यादव, सुभावती देवी, शैलेंद्र पासवान का संबद्धीकरण नियम विरुद्ध तरीके से किया गया है। इसके अलावा हिमांशु श्रीवास्तव, रितीका सेन, राजेंद्र कुमार भारती, सुरेश कुमार, समीर पांडेय, रानी पांडेय को मनमाने तरीके से अन्यत्र स्थानांतरित एवं संबद्ध किया गया है। उमेश ने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले कर्मचारी को जिला कार्यक्रम अधिकारी धमकी भी देते हैं। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कोई ट्रांसफर नियम विरुद्ध नहीं किया गया है। डायरेक्टर ने कहा था कि यदि आवश्यकता है तो डीएम से अनुमति लेकर ट्रांसफर किया जा सकता है। जो ट्रांसफर हुए हैं वह डीएम से अनुमति लेकर हुए हैं।
- हेमंत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी