राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के पांच दिवसीय (23-27 जनवरी) प्रांतीय सम्मेलन में आदर्श भारतीय परिवार पर चर्चा होगी। इसका एजेंडा पहले से तय है। आरएसएस के मुताबिक, परिवारों में सद्भाव बना रहे और संयुक्त परिवार का संरक्षण हो, इस दिशा में संघ पहले से काम कर रहा है। एक आदर्श परिवार का स्वरूप कैसा होना चाहिए, इसपर विस्तार से बात होगी। माना जा रहा है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून पर जो चर्चा चल रही है, उसपर चार प्रांतों के स्वयं सेवकों से राय ली जाएगी।
आरएसएस का पांच दिवसीय सम्मेलन बृहस्पतिवार से शुरू होगा। इसकी अध्यक्षता सरसंघचालक मोहन भागवत करेंगे। साथ ही पर्यावरण, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन के जरिए स्वयं सेवकों का मार्गदर्शन करेंगे। आरएसएस प्रमुख का प्रवास 24 जनवरी से शुरू होगा। पहले दिन उनका सामाजिक समरसता, पर्यावरण और कुटुंब प्रबोधन होगा। 25 जनवरी को आरएसएस प्रमुख के समक्ष चार प्रांतों के अधिकारी, प्रचारक ग्रामीण विकास के साथ ही पर्यावरण, समरसता और कुटुंब के क्षेत्र में किए गए कामकाज की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वह 27 जनवरी तक गोरखपुर में रहेंगे। सम्मेलन में पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरक्ष, कानपुर, अवध और काशी प्रांत के कार्यकर्ता, प्रचारक हिस्सा लेंगे।
प्रांत कार्यवाह संजीत कुमार ने बताया कि आरएसएस प्रमुख का प्रवास चार दिनों का होगा। सरस्वती शिशु मंदिर माध्यमिक विद्यालय सुभाषनगर सूरजकुंड में चार प्रांतों के स्वयं सेवक जुट रहे हैं। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्थानीय स्वयं सेवक सारी व्यवस्था को बनाने में लगे हैं।