उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां महुली क्षेत्र के रीठीजोत गांव में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास का सांचा खोलते समय छत भरभरा कर गिर गया। संयोग अच्छा रहा कि कोई मजदूर घायल नहीं हुआ।
इधर आवास की लाभार्थी ने सीमेंट की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। सीमेंट कंपनी के इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर मलबे और सीमेंट का नमूना लिया। इंजीनियर ने जांच रिपोर्ट आने के बाद ही गुणवत्ता के बारे में जानकारी देने की बात कही।
रीठीजोत गांव निवासी सुभावती पत्नी मूसे को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। लाभार्थी सुभावती ने बताया कि छत लगवाने के लिए महुली स्थित एक दुकानदार के वहां से सीमेंट की खरीदारी की थी। छत लगाते समय मिस्त्री ने सीमेंट की गुणवत्ता खराब बताई थी।
इस दौरान शिकायत पर कुछ दिन पूर्व दुकानदार के साथ कंपनी के इंजीनियर पहुंचे थे, लेकिन जांच के नाम पर कोरम पूर्ति करके चले गए। शुक्रवार को सांचा खोलते समय तीन कमरे का निर्माणधीन छत भरभराकर गिर गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
दुकानदार की सूचना पर सीमेंट कंपनी के बस्ती रेंज के टेक्निकल इंजीनियर देवेंद्र कुमार व सहयोगी पवन कुमार मौके पर पहुंचे और जानकारी हासिल की। टीम ने मलबा और सीमेंट का नमूना लिया। टीम के अनुसार गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट आने की उम्मीद है। उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रमोद यादव ने बताया कि लाभार्थी की जागरूकता की वजह से ही सीमेंट कंपनी के इंजीनियर आए और जांच की। यदि सीमेंट की गुणवत्ता में कमी मिली तो संबंधित कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कराया जाएगा, जिससे सीमेंट कंपनी से मुआवजा की रकम वसूली जा सके। जो किस्त लाभार्थी की बाकी है, उसे शीघ्र ही दे दिया जाएगा।